विभागीय जिम्मेदारी से मुंह मोड़ना और मंत्री के प्रोटोकॉल का पालन न करना जिला समाज कल्याण अधिकारी शिवम सागर को भारी पड़ गया। स्वीकृत चिकित्सीय अवकाश खत्म होने के बाद करीब तीन महीने तक बिना अनुमति कार्यालय से नदारद रहने, विभागीय मंत्री असीम अरुण के कानपुर दौरे में अनुपस्थित रहने और शासन के स्पष्टीकरण का जवाब न देने के मामले में उन्हें प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने निलंबित कर दिया है। उनको निदेशालय में संबद्ध कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
समाज कल्याण अधिकारी सागर को पहली बार दिसंबर माह में कानपुर जिले में तैनात किया गया। इससे पहले वो निदेशालय में संबद्ध रहकर कार्य कर रहे थे। अधिकारी ने 19 अप्रैल से एक मई 2026 तक चिकित्सीय अवकाश के लिए मानव संपदा पोर्टल के जरिये आवेदन किया था। इसके लिए न तो तत्कालीन सीडीओ दीक्षा जैन ने स्वीकृति दी और न ही जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की तरफ से स्वीकृति प्रदान की गई। तय समय बाद भी वह कार्यालय नहीं लौटे।
जन समस्याओं को देखते हुए जिलाधिकारी को जिला समाज कल्याण अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी वीरपाल को सौंपना पड़ा। कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा, लाभार्थियों से जुड़े काम और विभागीय निर्णयों के लिए जिम्मेदार अधिकारी की गैरमौजूदगी से योजनाओं की प्रगति काफी खराब हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को पत्र भेजा था।