आईआईटी ने कंपनी के साथ एमओयू साइन किया
- फोटो : अमर उजाला
इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए आईआईटी कानपुर अब जाइनिटक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स चार्जिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर स्मार्ट ईवी चार्जिंग स्टेशन तैयार करेगा। पूर्ण रूप से स्वदेशी ये चार्जिंग स्टेशन खराब होने से पहले ही सूचना संबंधित अधिकारी को देंगे। एक साल के भीतर स्टेशन का काम पूरा होगा। इसके लिए आईआईटी ने कंपनी के साथ एमओयू साइन किया है। इस पर आईआईटी अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ (आरएंडडी) के डीन प्रो. तरुण गुप्ता और जाइनिटक के संस्थापक और सीईओ हर्षवर्धन तिवारी ने साइन किए।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आंकड़ों की मानें तो हर साल बिकने वाली गाड़ियों में तीन से चार फीसदी इलेक्ट्रिक होती हैं। गाड़ियां बढ़ेंगी तो चार्जिंग स्टेशन की भी जरूरत पड़ेगी। अभी जाइनटिक कंपनी स्वदेशी चार्जिंग स्टेशन तैयार करती है। इसके संस्थापक हर्षवर्धन तिवारी ने बताया कि अभी इलेक्ट्रिक गाड़ियों के चार्जिंग स्टेशन में सबसे बड़ी समस्या इनकी खराबी की आती है। हाईवे पर लगे इन स्टेशन की खराबी का पता काफी समय बाद चल पाता है। इसे दूर करने के लिए आईआईटी के साथ हाथ मिलाया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से इन स्टेशन को स्मार्ट बनाया जाएगा। इससे इनके खराब होने के पहले ही यह स्टेशन इसमें लगे उपकरणों के माध्यम से सूचना संबंधित अधिकारी को देंगे। अभी तक स्टेशन की क्षमता 100 किलोवॉट होने पर इनका 93 फीसदी ही उपयोग हो पाता है, जिसे बढ़ाकर 97 फीसदी तक किया जाएगा। इससे एनर्जी लॉस को भी बचाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभी तक अधिकतर चार्जिंग स्टेशन को चाइना व यूएसए से मंगाना पड़ता था। देश में केवल 60 किलोवॉट के ही चार्जिंग स्टेशन है। आईआईटी की मदद से तैयार होने वाले स्मार्ट चार्जिंग स्टेशन 60, 90, 120 और 240 किलोवॉट के होंगे। आमतौर पर स्टेशन में दो चार्जिंग प्वाइंट निकले रहते हैं, नए सिस्टम में छह प्वाइंट होंगे। इससे एक साथ कई गाड़ियों को चार्ज किया जा सकेगा। एमओयू पर निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि 2030 तक बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन की जरूरत होगी। इस एमओयू से काफी मदद मिलेगी।
यूएसए से आने वाले स्टेशन की कीमत करीब एक करोड़, स्वदेशी को होगी आधी
जाइनिटक के संस्थापक हर्षवर्धन तिवारी ने कहा कि देश में बनने वाले चार्जिंग स्टेशन काफी सस्ते होंगे। यूएसए से आने वाले चार्जिंग स्टेशन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। जो घटकर आधी रह जाएगी। देश में स्थापित करने के साथ ही इसे निर्यात करने की भी तैयारी है।
तैयार होगा स्टेशन का आभासी मानचित्र
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और मशीन लर्निंग सिस्टम का प्रयोग होने से इसमें खराबी की सटीक जानकारी मिल सकेगी। स्टेशन में खराबी होने पर मैसेज के माध्यम से सूचना मिलेगी।स्टेशन का आभासी मानचित्र भी तैयार होगा जो खराबी की सटीक जानकारी भेजेगा। खराबी का पता चलते ही संबंधित व्यक्ति को भेजकर इसे ठीक कराया जाएगा। इसके साथ ही स्टेशन की क्षमता को बढ़ाने का भी कार्य भी किया जाएगा।