फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: मां की वसीयत पर आमने-सामने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया की बहनें, ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर विवाद

Fri, 10 Dec 2021 12:52 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल की बेटी अमन ने कोर्ट में वाद दाखिल किया है। ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर बहनों के बीच विवाद चल रहा है। स्टे न मिलने के कारण इसमें एक जनवरी को सुनवाई होगी।
विज्ञापन
अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल की मां अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल और बहन अमन पटेल के बीच ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद न्यायालय तक पहुंच गया है। अमन ने कोर्ट में दीवानी वाद दाखिल कर वसीयत रद्द कर स्टे की मांग की है। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में मामले की सुनवाई एक जनवरी को होगी।
विज्ञापन


डॉ. गोविंद प्रसाद रानी देवी पटेल उच्च शिक्षण संस्थान के सर्वराकार अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे सोनेलाल पटेल थे। उनके निधन के बाद पत्नी कृष्णा पटेल सर्वराकार बनीं। कृष्णा ने 23 नवंबर 2015 को रजिस्टर्ड वसीयत करते हुए अपने निधन के बाद बड़ी बेटी पल्लवी पटेल को संस्थान की सर्वराकार नियुक्त करने की बात लिख दी।

इसके बाद संपत्ति को लेकर पल्लवी और अमन के बीच विवाद गरमा गया है। कृष्णा की छोटी बेटी अमन वसीयत रद्द कराने को लेकर काफी दिनों से कोशिश कर रही हैं। सफलता न मिलने पर अमन ने कोर्ट में मां कृष्णा और बहन पल्लवी के खिलाफ वाद दाखिल किया है।
विज्ञापन


अमन ने पल्लवी पर गलत तरीके से वसीयत अपने हक में कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि सात नवंबर को हुए आपसी समझौते के बाद भी कृष्णा पटेल ने वसीयत निरस्त नहीं की। इस पर उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने बहन पर मां की हत्या कराने का षड्यंत्र रचने का भी आरोप लगाया है।

अमन ने वसीयत को अवैध घोषित करने के साथ पल्लवी को ट्रस्ट से संबंधित संपत्ति पर अवैध कब्जा करने, कोई हस्तक्षेप करने, वित्तीय संचालन या पॉवर ऑफ अटार्नी करने से रोकने की मांग की है। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के बाद बिना दूसरे पक्ष को सुने अंतरिम अस्थायी निषेधाज्ञा (अंतरिम स्टे) देने से इनकार कर दिया है। कृष्णा और पल्लवी को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मामले की अगली सुनवाई नए साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें