श्रीप्रकाश जायसवाल के देहांत के बाद घर पहुंचे कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष संदीप शुक्ला, शहर अध्यक्
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तिलक हाॅल अवश्य ही आते थे श्रीप्रकाश
जब वह केंद्रीय मंत्री थे तब कानपुर के उनके समर्थक सीधे उनके कार्यालय में पहुंचकर वहां रखे फोन का भी इस्तेमाल कर लेते थे। इसी तरह उन्होंने एक बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि शनिवार और रविवार को उनकी ड्यूटी दिल्ली या फिर किसी दूसरी जगह न लगाई जाए। इन दोनों दिनों में वह अपने कानपुर के लोगों के बीच रहते हैं। वरिष्ठ नेता शंकरदत्त मिश्रा बताते हैं कि पार्टी कार्यालय तिलक हाॅल में बैठना उनके लिए नशा था। यदि कानपुर में रहते थे, तो एक-दो बार तिलक हाॅल अवश्य ही आते थे।
केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, बद्रीनारायण तिवारी, चौधरी हरमोहन सिंह
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अरे मेरा चंदन का पेड़ बढ़ रहा या नहीं, सूखने मत देना
एक बार वह सुगंध एवं सरस केंद्र, फजलगंज में पाैधरोपण के लिए आए थे। इस दाैरान उन्होंने एक चंदन का पाैधा लगाया था। वह अक्सर फोन करके यहां के अधिकारी डाॅ. भक्ति विजय शुक्ल से पूछते रहते थे कि उनका पाैधा बढ़ रहा है या नहीं। यह भी बोलते देखते रहना सूखने न पाए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री, श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं व्यथित करने वाला है। वह कानपुर के सबसे सफल, मृदुभाषी एवं जन-प्रिय राजनेताओं में से एक रहे। मैं स्वयं लंबे समय से श्रीप्रकाश एवं उनके परिवार से जुड़ा रहा हूं। उनका यूं अचानक जाना मेरे लिए अत्यंत कष्टदायक है।
-सलिल विश्नोई, विधायक भाजपा
कानपुर शहर के लोकप्रिय नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल जी का निधन अत्यंत दुःखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।
-मोहम्मद हसन रूमी, विधायक सपा
कानपुर नगर के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन दुखद है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान दें। -संत मिश्रा, महामंत्री, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल
कानपुर के विकास पुरुष श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन बहुत दुखद है। वह कानपुर की जनता के दिलों में बसते थे। यही वजह है कि जब भी वह जनता दरबार लगाते थे, हजारों की भीड़ उनसे मिलने, अपनी बात कहने आती थी। उनका जाना अपूरणीय क्षति है। -नरेश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन