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अलविदा श्रीप्रकाश: यादों के झरोखे से…कद्दावर नेताओं में होती थी गिनती, ढाई साल में छोड़ दी थी मेयर की कुर्सी

Sat, 29 Nov 2025 10:10 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर के पहले मेयर और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का मात्र ढाई वर्ष में मेयर पद छोड़ने का कारण आज भी एक राज है, जिसे पार्टी प्रतिद्वंद्वी सरदार महेंद्र सिंह के साथ नारायण दत्त तिवारी के समक्ष हुए एक पैक्ट का परिणाम माना जाता है।
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केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह्, पूर्व राष्ट्रपति व अन्य - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का 1989 में कानपुर के पहले मेयर के रूप में सत्तासीन होना कांग्रेसियों और शहरवासियों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं था। साथ ही ढाई वर्ष में ही मेयर की कुर्सी को खुद छोड़ना भी चकित करने वाला रहा। श्रीप्रकाश ने मेयर की कुर्सी क्यों छोड़ी इसका राज उनके जाने पर राज ही रह गया। लोगों को सिर्फ इतना पता है कि उनकी पार्टी के ही प्रतिद्वंद्वी सरदार महेंद्र सिंह से उनका कोई पैक्ट तत्कालीन कांग्रेसी नेता नारायण दत्त तिवारी के सामने हुआ था।

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उनके मेयर के कार्यकाल में कांग्रेस सभासद रहे अनिल वाजपेयी भुल्लड़ बताते हैं कि ढाई साल के लिए जब कांग्रेस की ओर से सरदार महेंद्र सिंह को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया तब उनके लिए सभासदों के घर-घर जाकर उन्होंने बहुमत भी जुटाने का काम किया। उस समय सभासद ही मेयर को चुनते थे। लोग श्रीप्रकाश से किस कदर घुले मिले थे, इसका एक और उदाहरण है।

श्रीप्रकाश जायसवाल के देहांत के बाद घर पहुंचे कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष संदीप शुक्ला, शहर अध्यक् - फोटो : amar ujala
तिलक हाॅल अवश्य ही आते थे श्रीप्रकाश
जब वह केंद्रीय मंत्री थे तब कानपुर के उनके समर्थक सीधे उनके कार्यालय में पहुंचकर वहां रखे फोन का भी इस्तेमाल कर लेते थे। इसी तरह उन्होंने एक बार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा था कि शनिवार और रविवार को उनकी ड्यूटी दिल्ली या फिर किसी दूसरी जगह न लगाई जाए। इन दोनों दिनों में वह अपने कानपुर के लोगों के बीच रहते हैं। वरिष्ठ नेता शंकरदत्त मिश्रा बताते हैं कि पार्टी कार्यालय तिलक हाॅल में बैठना उनके लिए नशा था। यदि कानपुर में रहते थे, तो एक-दो बार तिलक हाॅल अवश्य ही आते थे।

केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, बद्रीनारायण तिवारी, चौधरी हरमोहन सिंह - फोटो : amar ujala


अरे मेरा चंदन का पेड़ बढ़ रहा या नहीं, सूखने मत देना

एक बार वह सुगंध एवं सरस केंद्र, फजलगंज में पाैधरोपण के लिए आए थे। इस दाैरान उन्होंने एक चंदन का पाैधा लगाया था। वह अक्सर फोन करके यहां के अधिकारी डाॅ. भक्ति विजय शुक्ल से पूछते रहते थे कि उनका पाैधा बढ़ रहा है या नहीं। यह भी बोलते देखते रहना सूखने न पाए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार-जनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य दें। मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 
-अजय कपूर पूर्व विधायक व भाजपा नेता
 
वे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। कानपुर के पूर्व मेयर, तीन बार सांसद तथा केंद्र सरकार में कोयला व गृह राज्य मंत्री रहे। श्रीप्रकाश जायसवाल का हृदय गति रुक जाने के कारण दुखद निधन अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। 
-प्रकाश पाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा
 
पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन अत्यंत दुखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।  -अखिलेश यादव, पूर्व मुख्यमंत्री

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल से मेरे भले ही वैचारिक मतभेद रहे हैं लेकिन वे हमारे परम मित्र थे। उनके जाने से एक अच्छे मित्र, अच्छे नेता की कमी खलेगी। वह कानपुर में कांग्रेस पार्टी के स्तंभ रहे हैं। एक बार उन्होंने लोकसभा चुनाव में मुझे पराजित किया था। इसके बाद मुझे भी उन्हें पराजित करने का माैका मिला। यह बात मैंने एक बार श्रीप्रकाश से भी कही थी, तब दाेनों ने खूब ठहाके लगाए थे। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। मेरी श्रद्धांंजलि। 
-सत्यदेव पचाैरी, पूर्व सांसद व मंत्री

 

श्रीप्रकाश सुलझे व सरल व्यक्तित्व के धनी थे। उन्हें लोकसभा सांसद के रूप में तीन बार कानपुर की सेवा करने का माैका मिला। वह दो बार केंद्र में मंत्री भी रहे। मेरे मन में उनके प्रति विशेष आदर और सम्मान है। उनका जाना कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है। 
-सतीश महाना, विधानसभा अध्यक्ष

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल उच्च मानकों के शिखर पर रहकर राजनीति करने वाले राजनीतिज्ञ थे। शहर में उनके द्वारा कई विकास कार्य कराए गए, वह हमेशा याद किए जाएंगे। वह जनता से जुड़े और जनता के लिए काम करने वाले नेता थे।  -नौशाद आलम मंसूरी, पूर्व अध्यक्ष, शहर कांग्रेस कमेटी

श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन पर हम सभी दुखी हैं। वह सिर्फ नगर के ही नहीं बल्कि देश के नेता थे। उनका स्वभाव काफी अच्छा था। गरीब लोगों की मदद करने की इच्छा उनमेंं प्रबल थी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। 
-सुरेश गुप्ता, संयोजक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन एनडीए

 

वह राजनीति के कुशल खिलाड़ी थे। हम लोग उन्हें राजनीति की पाठशाला कहते थे। महानगर से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक उन्होंने अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया। शहर के लिए और उनके परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। 
-राजाराम पाल, पूर्व सांसद

 

श्रीप्रकाश जायसवाल ने सांसद रहते हुए कई बड़े कार्य किए। इसमें गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित करने का काम भी शामिल है। निधन के तुरंत बाद मैं उनके घर पहुंचा। केंद्रीय मंत्री रहते हुए वह अक्सर प्रधानमंत्री से कहते थे कि शनिवार, रविवार उन्हें दिल्ली में न राेकें, यह दो दिन का समय कानपुर वालों के लिए है।  -शैलेंद्र दीक्षित, भाजपा नेता व पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष

वह मानस संगम संस्था से संरक्षक के रूप में विगत 30 वर्षों से अधिक जुड़े रहे। वह मातृभाषा हिंदी के प्रोत्साहन एवं रामचरितमानस के प्रचार प्रसार के लिए पिताजी डॉ. बद्री नारायण तिवारी जी के साथ कई बार मंच साझा किया। 
-विजय नारायण तिवारी मुकुल अध्यक्ष मानस संगम

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। 
-रमेश अवस्थी, सांसद, महानगर

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। कानपुर ने अपना एक कर्मठ नेता तथा हमने अपना संरक्षक खो दिया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।  -अमिताभ बाजपेई, विधायक सपा

पूर्व केंद्रीय मंत्री, श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं व्यथित करने वाला है। वह कानपुर के सबसे सफल, मृदुभाषी एवं जन-प्रिय राजनेताओं में से एक रहे। मैं स्वयं लंबे समय से श्रीप्रकाश एवं उनके परिवार से जुड़ा रहा हूं। उनका यूं अचानक जाना मेरे लिए अत्यंत कष्टदायक है। 
-सलिल विश्नोई, विधायक भाजपा
 
कानपुर शहर के लोकप्रिय नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल जी का निधन अत्यंत दुःखद है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें। शोक संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। 
-मोहम्मद हसन रूमी, विधायक सपा
 
कानपुर नगर के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन दुखद है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान दें।  -संत मिश्रा, महामंत्री, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल
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कानपुर के विकास पुरुष श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन बहुत दुखद है। वह कानपुर की जनता के दिलों में बसते थे। यही वजह है कि जब भी वह जनता दरबार लगाते थे, हजारों की भीड़ उनसे मिलने, अपनी बात कहने आती थी। उनका जाना अपूरणीय क्षति है।  -नरेश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन
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