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Kanpur: सीसामऊ नाले पर ‘मौत' का बसेरा, जर्जर स्लैब पर बने हैं दुकान-मकान, नगर निगम की 45 साल की चुप्पी पर सवाल

Tue, 02 Jun 2026 11:39 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सीसामऊ नाले के जर्जर स्लैब पर दशकों से अवैध पक्के मकान और दुकानें बनी हुई हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। शिकायत के बावजूद नगर निगम ने वर्षों से इनकी न तो मरम्मत कराई और न ही अतिक्रमण हटाया।
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नाले की जर्जर स्लैब के ऊपर बनी दुकानें - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में अंग्रेजों के जमाने के पुराने सीसामऊ नाले के जर्जर स्लैब पर लोगों ने पक्के मकान और दुकानें बना रखी हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका है। खास बात यह है कि सब कुछ जानने के बावजूद नगर निगम प्रशासन तकरीबन 45 साल से ज्यादा पुराने स्लैब की मरम्मत कराने या फिर लोगों की सुरक्षा के लिए कब्जे हटाने की कार्रवाई नहीं करता है।

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सीसामऊ नाला बकरमंडी से मकरावटगंज ढाल और ग्वालटोली होते हुए भैरवघाट टैपिंग पॉइंट पर मिलता है। इसकी लंबाई करीब 1875 मीटर और चौड़ाई नौ मीटर है। मकरावटगंज ढाल से लेकर ग्वालटोली और बकरमंडी तक जगह-जगह नाले के स्लैब पर लोगों ने दुकानें और पक्के मकान बनाने के साथ ही गैराज खोल रखे हैं। यह स्थिति लगभग दो किलोमीटर की लंबाई के दायरे में साफ देखी जा सकती है।

मरम्मत के कोई मानक ही तय नहीं
इस पुराने नाले के अधिकतर स्थान पर स्लैब में लगी सरिया जर्जर हो चुकी हैं। कई जगह सरिया में जंग भी लग गई है। इसके बाद भी नगर निगम ने आज तक न तो कभी पुराने जर्जर स्लैब का सर्वे कराया और न इसकी मरम्मत के कोई मानक ही तय हैं। मकरावटगंज ढाल पर रविवार को हुए हादसे का कारण स्लैब पर अधिक लोड पड़ना नगर निगम की ओर से बताया जा रहा है। बारिश के दिनों में नाले का बहाव तेज होने से भी हादसे की आशंका बनी रहती है।

सीसामऊ नाले की जर्जर स्लैब के ऊपर बनी दुकानें - फोटो : amar ujala
नाले का स्लैब जर्जर हो चुका है और जगह-जगह धंस भी चुका है। इसकी शिकायत नगर निगम में की गई लेकिन मरम्मत का काम नहीं हुआ। हम लोगों ने चंदा लगा कर खुद ही स्लैब की मरम्मत करवाई।  -सुनील, ग्वालटोली

सीसामऊ नाले के जर्जर स्लैब पर दिन भर बच्चे खेलते रहते हैं। इससे डर लगता है। बारिश में नाले का बहाव तेज होता है और उन दिनों स्लैब धंंसने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसके बाद भी मरम्मत नहीं कराई जाती।  -कनक लता, ग्वालटोली
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बारिश से ओवरफ्लो हो जाता है सीसामऊ नाला - फोटो : amar ujala
नाले के स्लैब की औसत आयु 70 साल मानी जाती है। लोगों की सुरक्षा के लिए सीसामऊ नाले पर बकरमंडी से मकरावटगंज ढाल तक जाली लगाने और दीवार लगाने का काम पिछले पांच माह से चल रहा है। इससे लोग स्लैब पर नहीं जा सकेंगे।  -एसएफए जैदी, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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