फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shaheen Shahid: कभी बुर्का नहींं पहना…कट्टरता कूट-कूटकर भरी थी, पूर्व पति बोले- नहीं लिया बच्चों का हाल

Thu, 13 Nov 2025 05:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में डॉ. शाहीन का नाम आने के संबंध में उसके बच्चों को पता नहीं है। डॉ. शाहीन के पूर्व पति डॉ. हयात जफर ने मीडियाकर्मियों के सवालों के जबाव में बताया कि मेरे दो बच्चे छोटे हैं। उन्हें यह बात नहीं बताई। अब रिश्ता ही खत्म हो गया] तो उस बारे में सोचने का कोई मतलब नहीं है।
विज्ञापन
डॉ. शाहीन सईद के तलाकशुदा पति डॉ. हयात जफर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लाल किला विस्फोट मामले में फंसी फार्माकोलोजिस्ट डॉ. शाहीन सईद ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में नौकरी के दौरान कभी बुर्का नहीं पहना। शादी के बाद सामाजिक जिंदगी में भी उसने इस परंपरागत पहनावा को नहीं अपनाया। घर छोड़ने के बाद उसने कभी अपने बच्चों का हाल भी नहीं लिया। ख्वाहिशों ने उसको कट्टरपंथ की खाई में धकेल दिया।

विज्ञापन

कट्टरपंथी आतंकी संगठनों के साथ जुड़ाव का मामला उजागर होने के बाद कॉलेज के चिकित्सा शिक्षक ताज्जुब कर रहे हैं। चिकित्सा शिक्षकों का कहना है कि नौकरी की शुरुआत डॉ. शाहीन ने कॉलेज से ही की लेकिन उसने कभी यहां बुर्का नहीं पहना। आम तरह के लिबास में ही रही, लेकिन वह अपनी बातों को किसी से साझा नहीं करती थी।

कट्टरपंथ की आतंकी खाई में धकेल दिया
उसका कोई हमराज नहीं रहा। यहां तक कि उसके तलाक की बात भी किसी को पता नहीं चली। कन्नौज में नया मेडिकल कॉलेज खुला था, तो यहां के कई फैकल्टी सदस्य वहां भेेजे गए, उनमें डॉ. शाहीन भी रहीं। लोगों का कहना है कि डॉ. शाहीन शादीशुदा जिंदगी भी अच्छी चल रही थी लेकिन उसकी ख्वाहिशों की उड़ान उसे कट्टरपंथ की आतंकी खाई में धकेल दिया।

2013 के बाद किसी से संपर्क नहीं किया
घर छोड़ने के बाद मिजाज में ऐसा बदलाव आया कि कभी अपने बच्चों का हाल भी नहीं लिया। उसके पूर्व पति डॉ. हयात जफर भी यही कहते हैं कि डॉ. शाहीन ने कभी बुर्का नहीं पहना लेकिन बच्चों को लेकर वह केयरिंग मां रही है। वर्ष 2013 में छोड़ जाने के बाद किसी से संपर्क नहीं किया। यह भी पता नहीं रहा कि वह देश में है कि विदेश में। लाल किला विस्फोट के बाद उसके बारे में जानकारी मिली।

अब कोई उसके बारे में मुंह खोलने को तैयार नहीं
डॉ. हयात के मुताबिक शादी नवंबर 2003 में हुई थी। डॉ. शाहीन का डॉ. हयात के साथ पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से चला लेकिन यूरोप में बसने की ख्वाहिश ने उसे किसी और रास्ते पर ले जाकर खड़ा कर दिया। सहकर्मियों की तरह ही उसके रिश्तेदार भी घटना से हतप्रभ हैं। उसके शहर में अन्य लोगों के यहां भी आना जाना रहा है, लेकिन अब कोई उसके बारे में मुंह खोलने को तैयार नहीं है।

बच्चों को नहीं बताई डॉ. शाहीन की हरकत
दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में डॉ. शाहीन का नाम आने के संबंध में उसके बच्चों को पता नहीं है। डॉ. शाहीन के पूर्व पति डॉ. हयात जफर ने मीडियाकर्मियों के सवालों के जबाव में बताया कि मेरे दो बच्चे छोटे हैं। उन्हें यह बात नहीं बताई। अब रिश्ता ही खत्म हो गया] तो उस बारे में सोचने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने बताया कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में के आवास में वह भी साथ रहते रहे। उनके दोस्त घर पर आते नहीं थे।
विज्ञापन

कभी कोई बाहरी संदिग्ध व्यक्ति उसके पास नहीं आया
डॉ. शाहिना के कॉलेज कैंपस के ही कुछ सहकर्मी आते-जाते रहे हैं। कभी कोई बाहरी संदिग्ध व्यक्ति उसके पास नहीं आया। वह लिबरल मिजाज की रही है। आभास ही नहीं हुआ कि कभी ऐसी राह पर जा सकती है। उन्होंने बताया कि शादी वर्ष 2003 में हुई और वर्ष 2013 में तलाक हो गया। एक वक्त था जब शाहीन बेहद शांत और पढ़ाई में रुचि रखने वाली महिला थी। घटना की जानकारी से सब सदमे में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें