आईटीसी में गड़बड़ी का इनपुट मिला था
फर्म का कारोबार अच्छा होने के बावजूद कर कम आ रहा था। डाटा एनालिसिस में पंजीकरण रद्द हो चुकी बोगस फर्मों के जरिये आईटीसी में गड़बड़ी का इनपुट मिला था। इसी आधार पर छापा मारा गया। जांच में पता चला कि आईटीसी का लाभ लेने के लिए पंजीकरण रद्द वाली फर्मों से खरीद-बिक्री दिखाई गई और इसके जरिये 40 लाख रुपये से अधिक की आईटीसी रिवर्सल की गई।
डीआरसी तीन के जरिये जमा कराए 65 लाख
जांच के दौरान खरीद-बिक्री, बिल, लेनदेन और कर संबंधी अभिलेखों की जांच की गई। संयुक्त आयुक्त एसआईबी ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि अपर आयुक्त ग्रेड दो एसआईबी प्रशांत कुमार के निर्देश पर डिप्टी कमिश्नर एसआईबी अभिषेक चतुर्वेदी ने कार्रवाई की। छापा खत्म कर दिया गया है। 65 लाख रुपये डीआरसी तीन के जरिये जमा कराए गए हैं। आगे की जांच जारी है और इससे अधिक रकम जमा होने की संभावना है।