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UP: अखिलेश के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल…नौ अक्तूबर को तलब, रंगदारी मांगने में लवी को मिली सशर्त जमानत

Sat, 27 Sep 2025 06:08 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जेल में बंद अखिलेश दुबे, आयुष मिश्रा उर्फ लवी मिश्रा और शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। मामले के आरोपी विमल यादव के खिलाफ चार अक्तूबर तक गिरफ्तारी का स्टे ऑर्डर है। वहीं, अभिषेक बाजपेई फरार चल रहा है।
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आरोपी अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा और पीड़ित रवि सतीजा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में नौबस्ता पुलिस ने भाजपा नेता रवि सतीजा के मामले में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा की कोर्ट में अखिलेश दुबे, लवी मिश्रा, शैलेन्द्र यादव उर्फ टोनू के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। करीब 4500 पेज के आरोप पत्र में केस डायरी के साथ 15 गवाहों के बयान, कॉल डिटेल और अन्य सबूतों को शामिल किया है। यह जेल में बंद अखिलेश दुबे के खिलाफ दूसरी और लवी मिश्रा के खिलाफ पहली चार्जशीट है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को नौ अक्तूबर को तलब किया है।

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बर्रा निवासी भाजपा नेता रवि सतीजा ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे पर दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था। एसआईटी की जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा को एसआईटी कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया था। रवि ने बर्रा पुलिस पर अखिलेश के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया था। जांच कर रही नौबस्ता पुलिस ने पीड़ित, आरोपियों और दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी व उसकी बहन के बयान लिए।

किशोरी और उसकी बहन को बनाया गवाह
नौबस्ता इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि जेल में बंद अखिलेश दुबे, आयुष मिश्रा उर्फ लवी मिश्रा और शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। मामले के आरोपी विमल यादव के खिलाफ चार अक्तूबर तक गिरफ्तारी का स्टे ऑर्डर है। अभिषेक बाजपेई फरार चल रहा है। एफआईआर कराने वाली किशोरी और उसकी बहन को गवाह बनाया गया है।

ढाई करोड़ रुपये रंगदारी मामले में लवी को हाईकोर्ट से मिली जमानत
कारोबारी सुरेश पाल से ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने के मामले में आरोपी अधिवक्ता अखिलेश दुबे के साथी आयुष उर्फ लवी मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति डॉ.गौतम चौधरी ने यह आदेश सुनाया है। स्वरूप नगर निवासी कारोबारी सुरेश पाल ने किदवई नगर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में अधिवक्ता अखिलेश दुबे द्वारा साजिश के तहत उन्हें दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाया गया और इससे बचाने के लिए उनसे ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूली गई।
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तीन साल बाद रिपोर्ट दर्ज हुई
इस मामले में अखिलेश के साथ लवी को भी जेल भेजा गया था। 18 अगस्त से वह जेल में बंद है। सेशन कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। तर्क रखा कि उसे झूठा फंसाया गया है। उसने न तो कोई रंगदारी मांगी और न ही वसूल की। तीन साल बाद रिपोर्ट दर्ज हुई है। कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया है। वहीं, अभियोजन की ओर से गंभीर अपराध में शामिल होने के आधार पर जमानत याचिका का विरोध किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने लवी की जमानत याचिका मंजूर कर ली।
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