निरीक्षण के दौरान परिसर में भीषण गंदगी और देखरेख में घोर लापरवाही मिलने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। गौशाला का संचालन संभाल रही एनजीओ के प्रतिनिधियों को जमकर फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए गए।
आइसोलेशन वार्ड में बाउंड्रीवॉल बनाने के निर्देश
एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले आइसोलेशन वार्ड का जायजा लिया। वहां कई दिनों से बीमार चल रहे 05 गोवंशों में से 02 की सोमवार सुबह मौत हो गई। बीमार मवेशियों को दलदली और गोबर से भरे स्थान पर घूमते देख अधिकारियों का पारा चढ़ गया।
एसडीएम ने आइसोलेशन वार्ड के चारों ओर तुरंत बाउंड्रीवॉल बनवाने और टीन शेड में सुरक्षा जाली लगवाने के आदेश दिए। साथ ही पूरे परिसर में जगह-जगह लगे गोबर के ढेरों को तत्काल हटवाकर नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा।
चारे-पानी की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पशुओं के लिए हरे चारे, भूसे, पीने के पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि गोवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं जल्द दुरुस्त नहीं की गईं, तो संबंधित एनजीओ और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।