अरे दादा, जमीन के इतने नीचे मेट्रो। मैंने तो पहली बार देखा, तूने देखी है क्या। नहीं, भाई मैंने तो अभी तक केवल ऊपर चलती मेट्रो ही देखी है, वो भी बाहर से। जमीन के भीतर ट्रेन और उसकी पहली बार सवारी करने में मजा ही आ गया...। स्कूली बच्चों के बीच यह संवाद नयागंज मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ पर सुनने को मिला। यहां से सम्राट अशोक विद्या उद्यान और स्कॉलर प्लेवेज स्कूल के बच्चों ने मेट्रो में सफर किया।
यूनिफार्म पहने, हाथों में तिरंगा और ऑपरेशन सिंदूर की तख्तियां लिए विद्यार्थी मेट्रो स्टेशन पहुंचे तो उनको अंदाजा ही नहीं था कि ट्रेन कितनी नीचे है। तिरंगी पट्टियों, फूलों से सजे स्टेशन के एक फ्लोर नीचे उतरे छात्र को जब ट्रेन नहीं दिखी तो उन्होंने शिक्षकों से पूछा। शिक्षकों ने बताया कि अभी एक फ्लोर और नीचे उतरने पर ट्रेन मिलेगी। यह सुनकर बच्चे हैरान होकर एक दूसरे को देखने लगे।