फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: पिंटू सेंगर पर गोलियां बरसाने वाले सऊद को दस साल कैद, आठ साल पहले बसपा नेता पर हुआ था हमला

Tue, 22 Apr 2025 09:48 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पिंटू सेंगर पर गोलियां बरसाने वाले आरोपी सऊद को कोर्ट ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। आठ साल पहले बसपा नेता पर हमला हुआ था।
विज्ञापन
पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आठ साल पहले पनकी मंदिर से लौट रहे बसपा नेता नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर पर अंधाधुंध गोलियां चलाने वाले सऊद अख्तर को फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के विशेष न्यायाधीश राहुल सिंह ने दस साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनने कोर्ट नहीं पहुंचे दूसरे दोषी पप्पू स्मार्ट के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। थानाध्यक्ष को 28 अप्रैल तक पप्पू को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


पिंटू के भाई धर्मेंद्र सिंह ने 17 जनवरी 2017 को चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि पिंटू रात लगभग दस बजे पनकी मंदिर से दर्शन कर कार से लौट रहे थे। तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार स्मार्ट शूज का मालिक हरजेंद्रनगर निवासी मो. आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट, जाजमऊ दरगाह शरीफ निवासी सऊद अख्तर व दो अज्ञात लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पिंटू के चेहरे पर लगी लेकिन लहूलुहान हालत में खुद ही गाड़ी चलाकर पिंटू थाने पहुंच गया, जहां से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे व अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि अभियोजन की ओर से धर्मेंद्र समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी एक गवाह पेश किया गया। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पप्पू और सऊद को हत्या के प्रयास का दोषी मानकर सजा सुनाई।
 
विज्ञापन

पिंटू सेंगर हत्याकांड (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
सऊद पर 31 तो पप्पू पर दर्ज हैं 18 मुकदमे
पप्पू के खिलाफ विभिन्न थानों में 18 तो सऊद के खिलाफ 31 मुकदमे दर्ज हैं। सऊद के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 1989 में तो पप्पू के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2007 में दर्ज हुआ था। पप्पू पंजीकृत डी123 गैंग का सरगना भी है। चकेरी थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। पप्पू के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई भी की गई थी। फरवरी 2024 में पप्पू जेल से रिहा होने के बाद लापता हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे आगरा से धोखाधड़ी के एक मुकदमे में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ महीनों बाद उसे जमानत मिल गई थी और वह जेल से रिहा हो गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें