आठ साल पहले पनकी मंदिर से लौट रहे बसपा नेता नरेंद्र सिंह सेंगर उर्फ पिंटू सेंगर पर अंधाधुंध गोलियां चलाने वाले सऊद अख्तर को फास्ट ट्रैक कोर्ट 52 के विशेष न्यायाधीश राहुल सिंह ने दस साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला सुनने कोर्ट नहीं पहुंचे दूसरे दोषी पप्पू स्मार्ट के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। थानाध्यक्ष को 28 अप्रैल तक पप्पू को कोर्ट में हाजिर करने के निर्देश दिए हैं।
पिंटू के भाई धर्मेंद्र सिंह ने 17 जनवरी 2017 को चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि पिंटू रात लगभग दस बजे पनकी मंदिर से दर्शन कर कार से लौट रहे थे। तभी दो मोटरसाइकिल पर सवार स्मार्ट शूज का मालिक हरजेंद्रनगर निवासी मो. आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट, जाजमऊ दरगाह शरीफ निवासी सऊद अख्तर व दो अज्ञात लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली पिंटू के चेहरे पर लगी लेकिन लहूलुहान हालत में खुद ही गाड़ी चलाकर पिंटू थाने पहुंच गया, जहां से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एडीजीसी जितेंद्र कुमार पांडे व अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि अभियोजन की ओर से धर्मेंद्र समेत आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से भी एक गवाह पेश किया गया। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पप्पू और सऊद को हत्या के प्रयास का दोषी मानकर सजा सुनाई।