आईआईटी से मोतीझील के बीच पहले कॉरिडोर के पहले चरण में मेट्रो सफर के लिए यह पहली ट्रेन है। इसके बाद सात और ट्रेनें कुछ समय बाद आएंगी। नवंबर में मेट्रो का यहां ट्रायल होना है, जबकि जनवरी में इसका संचालन लोगों के लिए करने का लक्ष्य है।
कानपुर की पहली मेट्रो रेल के कोच बुधवार को डिपो में पटरी की ओर चले। इन्हें मशीन से वर्कशॉप में ले जाया गया। इससे पहले उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के एमडी कुमार केशव ने पूजन कर निगरानी में कोच ट्रेलर से उतरवाए।
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उन्होंने बताया कि 15 नवम्बर तक उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन विभिन्न तरह से ट्रायल करेगा। इसके बाद रेलवे मंत्रालय की तरफ से सीआरएस 90 किलोमीटर की स्पीड से ट्रायल कर प्रमाणपत्र देगा। 15 जनवरी में शहरवासी मेट्रो में सफर कर सकेंगे।
बताते चलें कि आईआईटी से मोतीझील के बीच पहले कॉरिडोर के पहले चरण में मेट्रो सफर के लिए यह पहली ट्रेन है। इसके बाद सात और ट्रेनें कुछ समय बाद आएंगी। नवंबर में मेट्रो का यहां ट्रायल होना है, जबकि जनवरी में इसका संचालन लोगों के लिए करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इसकी घोषणा कर चुके हैं।