नवाबगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को रावतपुर रोडवेज वर्कशॉप में हाईटेंशन लाइन के पोल में करंट लगने से 18 फीट ऊंचे खंभे से गिरकर फिटर की मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया। परिजनों की पुलिस और रोडवेज अधिकारी से जमकर नोकझोंक हुई। कर्नलगंज समेत पांच थानों का फोर्स और अतिरिक्त बल पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा।
नवाबगंज में चंपी गली निवासी रामजी सैनी (49) को मृतक आश्रित में पिता मुन्नालाल की जगह कई साल पहले नौकरी मिली थी। रामजी रावतपुर स्थित केंद्रीय कार्यशाला में फिटर थे। परिवार में पत्नी बेबी, दो बेटियां दीक्षा और प्रीति हैं जो रोडवेज कॉलोनी में रहती हैं। भाई श्यामजी और गोपाल का आरोप है कि फिटर का काम बस की बॉडी बनाने का होता है। इसके बाद भी उन्हें रावतपुर रोडवेज काॅलोनी में शुक्रवार दोपहर 11 हजार लाइन पोल पर चढ़ा दिया गया। आरोप है कि लाइन भी चालू थी। इससे वह करंट लगते ही नीचे जा गिरे। इलाज के दौरान शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने किया हंगामा
- फोटो : अमर उजाला
विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाकर गुस्साए परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस फोर्स पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। परिजनों की ओर से सपा नेता सम्राट यादव, जिलाउपाध्यक्ष भाजपा ओबीसी मोर्चा अनुभव तिवारी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे। परिजनों की पुलिस और चीफ जनरल मैनेजर टेक्निकल रोडवेज गौरव पांडेय से नोकझोंक और झड़प हुई। पुलिस और खुफिया हंगामे का वीडियो बनाती रही। एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया ने घरवालों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया। रात करीब 9:30 बजे परिजन शव लेकर रवाना हुए।
परिजनों ने किया हंगामा
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हमारे पापा को छीन लिया
हंगामे के दौरान रामजी सैनी की बेटी दीक्षा पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। बिलखते हुए हाथ जोड़कर बोली हमारे पापा को छीन लिया। अब क्या हम लोगों को घर से बेघर कर दोगे। बोली मां हार्ट की मरीज है। दूसरी बहन प्रीति का पैर टूटा हुआ। घर में और कमाने वाला कोई नहीं है। मुआवजे के साथ नौकरी और काॅलोनी में ही रहने देने की मांग की।