एक ओर जहां सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। लोगों को जागरूक किया जाता है और हाईवे पर नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। वहीं, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सिर्फ कागजी रह गया है, धरातल पर स्थिति बेहद गंभीर है। पहला दृश्य महाराजपुर थाना परिसर के बगल और ठीक सामने का है।
महाराजपुर थाने के पास स्थित एक परीक्षा केंद्र के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ होती है। ऐसे में सैकड़ों वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग में खड़े होते हैं। जाम की स्थिति बनती है। इसके बावजूद न तो इन वाहनों को किनारे करवाया जाता है और न ही परीक्षा केंद्र के पास वाहनों को खड़ा करने की कोई व्यवस्था की गई है। साथ ही, एनएचएआई की टीम भी दिखाई नहीं पड़ती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।