गिरोह के कुछ सदस्य कर रहे थे ऑनलाइन संचालन
यह रकम 40 बैंक खातों में डाली गई थी। इसी तरह शुक्रवार को बैंक ऑफ बड़ौदा के 12 खातों की डिटेल आई है। इन खातों से कई अन्य अकाउंट में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। यह बैंक अकाउंट अधिकतर म्यूल अकाउंट हैं। इनका ऑनलाइन संचालन गिरोह के कुछ सदस्य कर रहे थे।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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पुलिस के सामने आरोपी की पत्नी रुपये निकालने पहुंची
एडीसीपी एसओजी के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा की गिरसी शाखा में शुक्रवार दोपहर आरोपियों के बैंक खातों की जांच चल रही थी। बैंक मैनेजर ने इस कार्य में कुछ स्टाफ को लगा रखा था। अचानक एक महिला उसी संदिग्ध बैंक खाते से रुपये निकालने आ गई। बैंक मैनेजर ने तुरंत पुलिसकर्मियों का सूचना दी।
पुलिस ने महिला को पूछताछ के बाद छोड़ा
महिला को हिरासत में ले लिया गया। यह बैंक खाता साइबर अपराध करने के आरोप में जेल भेजे गए अशोक का था। उसकी पत्नी रुपये निकालने के लिए बैंक पहुंची थी। उसको पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। अशोक के खाते में लगभग साढ़े छह लाख रुपये थे। उसका बैंक खाता पहले ही फ्रीज किया जा चुका था।
आरोपियों को चेतावनी देती पुलिस
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साइबर अपराधियों ने गांवों में बना रखा था अड्डा
साइबर अपराधियों ने घाटमपुर के साथ ही कानपुर देहात के कई गांवों में ठगी का अड्डा बना रखा था। यहां से काॅल कर रुपये ऐंठने की साजिश रची जाती थी। यह जानकारी पुलिस को हुई है। जल्द ही यहां पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसकी सूचना कानपुर देहात की पुलिस को दे दी गई है।
कई संदिग्ध और संवेदनशील वस्तुएं मिली
एसओजी, क्राइम ब्रांच ने रेउना थाने के फोर्स के साथ शुक्रवार को रठिगांव, समाजनगर, लक्ष्मणपुर, लीलादास का पुरवा गांव का जायजा लिया। यहां कई संदिग्ध और संवेदनशील वस्तुएं मिली हैं। इनसे आरोपियों के दोपहर ही नहीं देर रात तक रुककर ठगी की साजिश करने की जानकारी हुई है। अधिकारियों ने पुलिस की टीमों को इन गांवों में देर रात भी चेकिंग करने के निर्देश दिए हैं।
आरोपियों को घेरकर खड़ी पुलिस
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सक्रिय गिरोह के साथ भी निकला संबंध
एडीसीपी एसजोजी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि साइबर अपराधी रेउना के गांवों के साथ कानपुर देहात के कुछ गांवों में जाया करते थे। वहां सक्रिय गिरोह के साथ भी उनका संबंध निकला है। करीब चार महीने पहले क्राइम ब्रांच ने उसी क्षेत्र से गिरोह को पकड़ा था। आरोपी इसी तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे थे। जल्द ही उन गांवों में कार्रवाई की जाएगी।
झोपड़ियों के अंदर बैठकर रात में होती थी कॉलिंग
गांवों में कई टूटी फूटी झोपड़ी और खंडहर जैसे मकान बने हुए हैं। यहां चूल्हा, लकड़ियां और शराब की बोतलें, नमकीन के पैकेट और अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं। इनसे आरोपियों के रात में भी छिपकर कॉलिंग करने की संभावना है। पुलिस गिरोह के सरगना सुशील कुमार की और जानकारी जुटा रही है। उसके साथ गांव के कुछ अन्य लोगों का नाम सामने आया है। वह लोग भी फरार हैं। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।