Kanpur News: ठंड बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। टीबी, अस्थमा और सीओपीडी रोगियों को जटिलताएं उभरीं। चेस्ट हॉस्पिटल में 25 फीसदी रोगी अधिक भर्ती हो रहे।
ठंड बढ़ते ही सांस रोगियों की हालत बिगड़ने लगी है। डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल और हैलट इमरजेंसी में रोगियों की संख्या बढ़ गई है। टीबी, अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों में जटिलताएं उभर आई हैं। मंगलवार को एक रोगी की मौत भी हो गई। प्रदूषण और ठंड की वजह से पुराने टीबी रोगियों, अस्थमा, सीओपीडी के रोगियों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
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गंभीर रोगियों को भर्ती करना पड़ रहा है। रेस्पेरेटरी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या 25 फीसदी बढ़ गई है। अस्पताल का आईसीयू फुल है। रावतपुर के रहने वाले टीबी के रोगी दिनकर (45) की मौत हो गई। उनका इलाज ओपीडी स्तर पर चल रहा था। रोगी के बड़े भाई राजेश ने बताया कि तड़के सांस लेने में दिक्कत हुई। इसके बाद मौत हो गई। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी में सांस के रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि अस्थमा, सीओपीडी के रोगी गंभीर हालत में इमरजेंसी में आ रहे हैं।