कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण होंगे तैयार
उर्सला के नोडल अधिकारी डॉ. सपन गुप्ता ने बताया कि अब तक दिव्यांगों को कृत्रिम अंगों और सहायक उपकरणों के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। उन्हें अक्सर दूसरे शहरों का रुख भी करना पड़ता था। इस केंद्र में स्थानीय स्तर पर कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण तैयार होंगे। सुनने में अक्षम लोगों को आधुनिक कान की मशीनें मिलेंगी। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।