अपने काम से शहर में पहचान बनाने वाले धनीराम पैंथर और रंजीत सिंह के नाम की संस्तुति जिलाधिकारी ने पद्मश्री अवार्ड 2026 के लिए केंद्र सरकार से की है। धनीराम का नाम विशिष्ट सेवा और रंजीत सिंह का नाम विशिष्ट कला के लिए भेजा गया है। अवार्ड के लिए नाम भेजे जाने पर दोनों लोग काफी खुश हैं।
शहर में अक्सर मिलने वाले लावारिस शव पोस्टमार्टम हाउस में कई बार रखे-रखे सड़ जाते थे। धनीराम ने इसके लिए एक अभियान शुरू किया। इसके तहत वह लावारिस शवों को कंधा देते और उनका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करते हैं। अब तक वह सैकड़ों शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं। वहीं, रंजीत सिंह की उम्र 80 से ज्यादा हो चुकी है। इसके बाद भी उन्होंने दशकों पुरानी ताम्रपत्र की कला को जीवित रखा है।