दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
उन्होंने कहा कि यदि वे बैठक में शामिल होते तो विकास कार्यों के नाम पर हुई अनियमितताओं के मुद्दे सामने आते। पार्षदों ने कहा कि जनहित के मुद्दे उठाने के कारण उन्हें सदन की बैठकों से निष्कासित किया गया है, लेकिन विकास कार्यों और जनता की समस्याओं से जुड़ी बैठकों से वंचित करना उचित नहीं है। उन्होंने नगर आयुक्त से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।