कानपुर में नाबालिग को ढाई साल तक पत्नी के रूप में रखकर दुष्कर्म करने के आरोपी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो राजवीर सिंह ने खारिज कर दी है। नाबालिग ने युवक के पक्ष में बयान दिया और सहमति से संबंध बनाने की बात कही थी, लेकिन नाबालिग की सहमति को कानूनी न मानते हुए कोर्ट ने जमानत से इनकार कर दिया।
नरवल क्षेत्र निवासी साढ़े 12 वर्षीय बालिका जून 2018 में बिधनू के पहाड़पुर स्थित अपनी ननिहाल गई थी। वहीं से अकबरपुर निवासी एक रिश्तेदार सूरज के साथ चली गई। सूरज पहले उसे प्रयागराज, मेरठ फिर अंबाला घुमाता रहा। इसके बाद दोनों पनकी स्थित गंगागंज में सूरज के पिता के घर में रहने लगे। लड़की के पिता ने सूरज के खिलाफ बिधनू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
12 मई को पुलिस ने सूरज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एडीजीसी सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि लड़की ने कोर्ट में अपनी मर्जी से सूरज के साथ जाने, उसके साथ पत्नी की तरह रहने और मर्जी से संबंध बनाने की बात कही थी, लेकिन कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में नाबालिग की सहमति को आधार न मानते हुए जमानत खारिज कर दी।
नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं
नाबालिग को धमकाकर रुपये, जेवर और लैपटॉप हथिया लेने वाले की अग्रिम जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राजवीर सिंह ने खारिज कर दी है। एडीजीसी सुशील कुमार वर्मा ने बताया कि किदवईनगर स्थित एक इंटर कॉलेज में कक्षा नौवीं की छात्रा को स्कूल आते-जाते समय नौबस्ता के बाबानगर निवासी अभिषेक कुशवाहा डराता-धमकाता और छेड़छाड़ करता था। उसके छोटे भाई को जान से मारने की धमकी देकर छात्रा के घर से जेवर, 15 हजार रुपये नकद व लैपटॉप मंगवाकर हड़प लिया। 29 मई को छात्रा के पिता ने अभिषेक के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।