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वित्तीय लेन-देन के विवरण में कई खामियां
उस समय उप निबंधक मो. इरशाद मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों से पूछताछ कर रिकॉर्ड तलब किए गए। अधिकारियों ने वर्ष 2020 से 2025 तक हुई उन रजिस्ट्रियों का ब्योरा मांगा जिनका मूल्य 10 लाख रुपये से अधिक था। जांच में पता चला कि कार्यालय से विभाग को भेजे जा रहे वित्तीय लेन-देन के विवरण (एसएफटी) में कई खामियां हैं। करीब 900 पैन नंबरों में नाम अधूरे, पते गलत और अन्य जानकारियां त्रुटिपूर्ण मिलीं।
कामकाज रोककर अभिलेखों की पड़ताल की
इससे कई बड़े लेन-देन विभाग की निगरानी से बाहर रहने की आशंका जताई गई है। टीम ने फॉर्म-61 में भी गड़बड़ी पकड़ी हैं। सर्वे के दौरान कार्यालय का गेट बंद कर जांच की गई। कर्मचारियों के मोबाइल भी कुछ समय के लिए कब्जे में लिए गए और कामकाज रोककर अभिलेखों की पड़ताल की गई। इस मौके पर मुकेश कुमार, कुलदीप गुप्ता, देव अनंत श्रीवास्तव, कय्यूम अहमद, अंकित श्रीवास्तव के साथ भारी पुलिस बल तैनात था।