पुरवामीर गांव में क्रोमियम कचरा
- फोटो : amar ujala
एक डंपर कचरे के निस्तारण में 70 से 80 हजार रुपये का आता है खर्च
वहीं, किसान बकरीदी ने बताया कि कचरे की वजह से कई महीनों तक उन्होंने बकरियों को बांधकर रखा, खुले में छोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। अब कचरा हटने से उम्मीद है कि बारिश में जगह धुल जाएगी और बीमारियों से भी बचाव होगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि एक डंपर कचरे के निस्तारण में करीब सत्तर से अस्सी हजार रुपये का खर्च आता है।
पुरवामीर गांव में क्रोमियम कचरा
- फोटो : amar ujala
दोबारा इस तरह कचरा डालने की घटना नहीं होगी
12 रुपये प्रति किलो के हिसाब से इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाता है। ज्यादा खर्च से बचने के लिए ही डंफर और फैक्ट्री संचालक चोरी-छिपे गांव के बाहर और हाईवे किनारे कचरा फेंककर चले जाते थे। अधिकारियों का कहना है कि अब ग्रामीण जागरूक हो गए हैं, इसलिए उम्मीद है कि दोबारा इस तरह कचरा डालने की घटना नहीं होगी।