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कानपुर: थानों से टूट रहा लोगों का भरोसा, 52 थानों में आईं सिर्फ 46 शिकायतें, सीपी दफ्तर पहुंच रहे हैं फरियादी

Tue, 27 Oct 2026 12:20 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर में थानों की कार्यशैली और पुलिस की टालमटोल नीति से जनता का भरोसा लगातार टूट रहा है। स्थिति यह है कि शासन स्तर पर थानों में आयोजित होने वाले थाना दिवस की मंशा पर पानी फिर रहा है। बीते शनिवार को जिले के 52 थानों में कुल मिलाकर मात्र 46 शिकायतें ही पहुंचीं।
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रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में जनता का थाना पुलिस से भरोसा उठ गया है। बार-बार और कई बार चक्कर लगाने के बाद भी शिकायतों की सुनवाई नहीं हो रही है। नतीजा यह है कि पीड़ितों ने थाने-चौकी जाना ही छोड़ दिया है। वे अब सीधे पुलिस कमिश्नर या जोन के डीसीपी के पास जाना सही समझते हैं। बीते शनिवार को जिले के 52 थानाें में हुए थाना दिवस में आईं महज 46 शिकायतें इसकी बानगी हैं।

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इनमें भी आधी शिकायतों का भी निपटारा नहीं किया जा सका। थानों में दिन भर थानेदार चाय-नाश्ता और दरोगाओं से बैठकर बतियाते रहे लेकिन किसी भी थाने में फरियादियों की कोई भीड़ नहीं दिखी। कुछ थानों में तो थाना दिवस का बैनर लगना भी बंद हो गया है। जो शिकायतें आ भी रही हैं, उनमें अधिकांश जमीन संबंधी होती हैं।

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50 से अधिक प्रार्थना पत्र पहुंचे थे सीपी कार्यालय
इसके विपरीत शनिवार को ही पुलिस कमिश्नर कार्यालय में 50 से अधिक प्रार्थना पत्र पहुंचे थे। विभागीय सूत्रों के अनुसार रोजाना 60-70 से फरियादी और 40-50 शिकायतें रजिस्ट्री से सीपी कार्यालय में पहुंचती हैं। इसी तरह सेंट्रल, साउथ, ईस्ट और वेस्ट जोन के डीसीपी की जनसुनवाई में भी रोजाना 10-15 लोग अपनी शिकायतें लेकर जाते हैं।

लापरवाही के भी भेंट चढ़ा थाना दिवस
शासन की ओर से हर माह के दूसरे और चौथे शनिवार को जिले के प्रत्येक थाने में थाना दिवस आयोजित किया जाता है। इसके पीछे मंशा यह थी कि एक ही जगह पर थानेदार से लेकर एसडीएम, तहसीलदार और लेखपाल सभी मौजूद रहें। फरियादी की लंबे समय से चली आ रही समस्या का एक ही दिन में निस्तारण हो जाए। फिर इसका औचक निरीक्षण भी होना था लेकिन न तो कोई देखने आ रहा और न ही किसी जिम्मेदार को थानों में पांच-छह घंटे बैठने की फुर्सत है।

जोनवार आई शिकायतें और उनके निस्तारण की स्थिति

जोन              आईं शिकायतें   पहले से लंबित    निस्तारण       अब लंबित
पूर्वी जोन           07                    03                 03                07
पश्चिम जोन      20                    20                 21                19
साउथ जोन       12                     25                 15                22
सेंट्रल जोन        07                     00                 07                00

कमिश्नर साहब...नहीं हो रही कोई सुनवाई
  • महिला सीपी से: साहब, चौकी-थाने गए थे। कोई सुनवाई नहीं होती। बेटी को आज भी स्कूल जाते वक्त बर्घरा नाम का लड़का परेशान करता है।
  • बुजुर्ग सीपी से: सर दरोगा उल्टे कह रहे हैं कि बार-बार आना बंद करो। मकान क्या छाती पर लेकर जाओगे।
  • बुजुर्ग महिला सीपी से: साहब, पुलिस कुछ नहीं कर रही ससुराल वाले बेटी को घर में घुसने नहीं दे रहे हैं।
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थानों में शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली होने की जानकारी है। यही वजह है कि हाल ही में 10 थानेदारों को नोटिस जारी कर लंबित शिकायतों को सात दिनों में निपटाने का अल्टीमेटम भी दिया है। जल्द ही लापरवाह थानेदारों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। थाना दिवस को प्रभावी बनाने की भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।  -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर
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