केडीए सचिव के सामने हुआ परीक्षण
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सेप्टिक टैंक से निकलने वाली जहरीली गैसों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पीएसआईटी के छात्रों ने एडवांस्ड सेफ्टी एंड मॉनीटरिंग डिवाइस इंफ्रासेंस विकसित की है। इसकी मदद से जहरीली गैसों की रियल टाइम मॉनीटरिंग की जा सकेगी। टैंक में जहरीली गैस का स्तर मानक से अधिक होने पर डिवाइस की मदद से अलर्ट आ जाएगा। शहर के कई सेप्टिक टैंकों में इसका सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।
शहर की विभिन्न समस्याओं का तकनीकी समाधान निकालने के लिए पीएसआईटी और कानपुर विकास प्राधिकरण के बीच एमओयू साइन हुआ था। पीएसआईटी के ग्रुप निदेशक डॉ. मनमोहन शुक्ला ने बताया कि इसी समझौते के तहत यह विशेष डिवाइस विकसित की गई है। छात्रों ने केडीए के सचिव अभय पांडेय के सामने इस डिवाइस का परीक्षण किया। डॉ. शुक्ला ने बताया कि यह डिवाइस इंडस्ट्रियल टैंक में भी कारगर साबित होगी। डिवाइस टैंक में उत्पन्न होने वाली हाइड्रोजन सल्फाइड, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, मीथेन और ऑक्सीजन के स्तर की रियल टाइम रिपोर्ट देगी। जहरीली गैसों का स्तर मानक से अधिक होने पर अलर्ट मिलेगा जिससे टैंक में कार्य कर रहे कर्मचारियों को सुरक्षित किया जा सकेगा। जल्द ही डिवाइस में लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम भी विकसित किया जा रहा है।
केडीए सचिव अभय पांडेय ने कहा कि यह डिवाइस शहर के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। जल्द ही इसको शहर में इंस्टॉल करने को लेकर विचार किया जाएगा। पीएसआईटी चेयरमैन प्रणवीर सिंह ने कहा कि संस्थान में विकसित तकनीक सरकार के मेक इन इंडिया के सपने को साकार कर रही है। यह पहल स्मार्ट सिटी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।