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Kanpur: पुलिस ने कमरे से एक कुंतल प्रतिबंधित मांस किया बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार

Tue, 20 May 2025 09:49 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बिल्हौर में पुलिस ने कमरे से एक कुंतल प्रतिबंधित मांस बरामद किया है। नमूना जांच के लिए बरेली प्रयोगशाला भेजा गया।
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ककवन पुलिस की हिरासत में आरोपी युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ककवन थाना क्षेत्र में अति प्राचीन विश्वामित्र आश्रम विषधन खेड़ा में बने अवैध कमरे से करीब एक कुंतल प्रतिबंधित पशु का मांस बरामद हुआ है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मांस को कब्जे में लेकर चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। सभी पर पशु क्रूरता सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, जिस जगह मांस मिला था, वहां अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर पुलिस ने उसे जेसीबी से ढहवा दिया है। मांस का नमूना बरेली प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।
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विषधन चौकी इंचार्ज अतुल कुमार ने मंगलवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि नट बिरादरी के विश्वामित्र आश्रम खेड़ा पर कुछ लोगों ने प्रतिबंधित पशु का वध कर उसका मांस कानपुर देहात, कन्नौज व आसपास के कई इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है। पुलिस ने दबिश देकर शब्बीर उर्फ मुबारक अली के घर से बड़े पैमाने पर कटा हुआ मांस बरामद हुआ।
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पुलिस के आते ही नटवन टोला के कई संदिग्ध खेतों की भाग गए और मांस मौके पर ही छोड़ गए। चौकी इंचार्ज अतुल कुमार ने बताया कि मौके से शब्बीर अली को करीब 70-80 किलो से अधिक मांस के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है। पुलिस ने मांस एकत्र करने वाले समीन, शहनवाज, साबिर अली निवासीगण विषधन खेड़ा और साहिल को हिरासत को जेल भेजा है। मामले को लेकर हिंदूवादी संगठन सोशल मीडिया पर लगातार तरह-तरह की चर्चाएं करते रहे।
 
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माहौल बिगाड़ने के लिए धार्मिक स्थल पर किया यह काम
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विषधन में अति प्राचीन विश्वामित्र आश्रम है। मान्यता है कि यहां भगवान श्रीराम-लक्ष्मण को ऋषि विश्वामित्र ने शिक्षा दी थी। यहां विशेष समुदाय केे लोगों ने कब्जा कर कच्चे व पक्के निर्माण किए है और कई प्रकार की प्रतिबंधित तालीम भी दी जाती है। कुछ संदिग्ध ऐसे भी हैं जिनको खेड़ा के ही लोग बांग्लादेशी कहकर बुलाते हैं, इससे पहले भी यहां इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी है। दो जिलों कन्नौज, कानपुर देहात की सीमा मात्र 500 मीटर होने के कारण अक्सर ऐसे संदिग्ध यहां आते-जाते हैं।
 
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