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Kanpur: पुलिसकर्मियों को करनी पड़ेगी जांच, देनी होगी अफसरों को रिपोर्ट, लागू होगा ग्रीवांस मैनेजमेंट सिस्टम

Wed, 18 Mar 2026 04:48 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर कमिश्नरी में अब पुलिस शिकायतों की अनदेखी भारी पड़ेगी। नए पोर्टल के जरिए सात दिन में जांच पूरी न होने पर मामला उच्चाधिकारियों को ट्रांसफर हो जाएगा। फीडबैक सेल सीधे पीड़ितों से बात कर जांच की हकीकत जानेगी।
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रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में चौकी प्रभारी, थानेदार, एसीपी, एडीसीपी और उनसे ऊपर के अधिकारियों को शिकायतों की जांच करनी पड़ेगी। कमिश्नरी पुलिस ग्रीवांस मैनेजमेंट पोर्टल लांच करने जा रही है, जिसमें सात दिन के अंदर रिपोर्ट न देने पर जांच अपने आप वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंच जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल या लैपटॉप पर शिकायत पहुंचते ही उनको विवेचना करनी होगी। ऐसा न करने पर रिपोर्ट और ऊपर के अफसरों तक पहुंचेगी।

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किसी स्तर पर गड़बड़ी मिलती है, तो उस जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।  हफ्ते भर बाद फीडबैक सेल पीड़ित की प्रतिक्रिया भी लेगी। यह सेल पुलिस कार्यालय में बन रही है। पुलिस कमिश्नर कार्यालयों में हर दिन 250 से 300 पीड़ित व शिकायतकर्ता आते हैं। उनमें से अधिकतर की शिकायत रहती है कि उनकी पुलिस चौकी, थाने, एसीपी, एडीसीपी, डीसीपी कार्यालयों में सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस कमिश्नर जब सवाल जवाब करते हैं, तो पीड़ित जांच अधिकारी पर आरोप लगाते हैं।

विवेचनाओं की सही स्थिति पता लगेगी
वहीं, पुलिस कमिश्नर कार्यालय में अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था, अपर पुलिस आयुक्त अपराध, डीसीपी पश्चिम व अन्य जोन में बने डीसीपी, एडीसीपी कार्यालयों में गिनती की शिकायतें आती हैं। इस समस्या को देखते हुए कमिश्नरी पुलिस ग्रीवांस मैनेजमेंट पोर्टल लांच करने जा रही है। यह एप आधारित है, जो कि हर चौकी प्रभारी, थानेदार, एसीपी, एडीसीपी, डीसीपी, अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था और अपर पुलिस आयुक्त अपराध, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मोबाइल व लैपटॉप में रहेगा। इस एप के माध्यम से विवेचनाओं की सही स्थिति पता लग जाएगा।

कभी भी हो सकेगी मॉनीटरिंग
अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था विपिन कुमार ताडा ने बताया कि इस एप के माध्यम से किसी भी शिकायत की कभी भी मॉनीटरिंग की जा सकेगी। इससे जांच अधिकारी बच नहीं सकेंगे। उनके लॉगिन पर शिकायत का स्तर लंबित दिखाएगा। अगर वह अधिकारी जांच नहीं कर सकेंगे तो उनके ऊपर के अधिकारी को जांच करनी होगी। फीडबैक सेल हर सात दिन में जांच अधिकारी और पीड़ित का फीडबैक लेगी। ग्रीवांस मैनेजमेंट पोर्टल की मदद से आईजीआरएस रैंक बेहतर की जा सकेगी। थानों में सुनवाई का स्तर गुणवत्तापूर्ण हो जाएगा।
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कमिश्नरी पुलिस की ओर से जल्द ही ग्रीवांस मैनेजमेंट पोर्टल लांच किया जा रहा है। इससे जांच अधिकारियों को जांच करनी होगी जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनीटरिंग करेंगे।  -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर
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