जारी किया गया लेटर व आरोपी दरोगा
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सचेंडी में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी निलंबित दरोगा अमित मौर्य के नाम से चार पन्नों का पत्र वायरल हो रहा है। मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर के नाम पर भेजे गए पत्र में निलंबित दरोगा ने खुद को बेकसूर बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की। उसने घटना में शामिल न होने और एक पत्रकार पर फंसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पत्र की जांच शुरू की है।
सचेंडी क्षेत्र में पांच जनवरी की रात 14 वर्षीय किशोरी को स्कार्पियो कार से अगवा करके दुष्कर्म हुआ था। उसमें यू-ट्यूबर शिवबरन यादव और दरोगा अमित मौर्य पर आरोप लगे थे। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर यू-ट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया जबकि फरार दरोगा की तलाश शुरू की। अमित मौर्य पर 50 हजार का इनाम घोषित है। पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी है। सोमवार को अचानक दरोगा के नाम से चार पन्नों का एक पत्र वायरल हुआ।
निलंबित दरोगा ने पत्र में बताई उस रात की कहानी
वायरल पत्र में निलंबित दरोगा ने घटना की रात की पूरी कहानी बताई है। पत्र के अनुसार घटना की रात सचेंडी इंस्पेक्टर ने दरोगा को तीन और चार जनवरी को भीमसेन जंक्शन के पास हुई तेल चोरी के बारे में बताया। जानकारी के लिए वह आरपीएफ इंस्पेक्टर अजय कुमार मीणा से मिले। इंस्पेक्टर मीणा ने उनसे अपने स्तर पर मामले की जांच करने को कहा। उन्होंने पूर्व में तेल चोरी के आरोपी शिवबरन के बारे में बताया। व्हाट्सएप कॉल कर शिवबरन को सोना क्रॉसिंग के पास पूछताछ के लिए बुलाया। वह अपनी स्कॉर्पियो से भीमसेन जंक्शन से क्रॉसिंग पहुंचे। शिवबरन अपनी बाइक खड़ी कर कार में बैठ गया। करीब 10 मिनट बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर भी आ गए। उन्होंने स्कॉर्पियो के अंदर शिवबरन से करीब 40 मिनट तक पूछताछ की। इंस्पेक्टर के जाने के बाद शिवबरन ने उनसे गांव के रास्ते से चलने के लिए कहा। वह अपनी कार से थे जबकि शिवबरन बाइक चला रहा था। करीब 200-300 मीटर की दूरी पर दो लोग नशे की हालत में दिखे। युवकों से पूछताछ की गई जिस पर एक ने बहन की तलाश करने की जानकारी दी। युवकों से कहा गया कि कोई बात हो तो चौकी पर आ जाना। वह रात 11:40 बजे चकरपुर मंडी पहुंचे जबकि शिवबरन अपने रास्ते पर निकल गया। फुटेज वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में होंगे। उन्हें सुबह पता चला कि रात में मिला युवक उन पर दुष्कर्म का आरोप लगा रहा है। इसकी जानकारी थाना प्रभारी को दी। वादी व पीड़ित को चौकी बुलाया गया था। वह लोग किसी पत्रकार से बात कर रहे थे। चौकी से किसी को नहीं भगाया गया। साक्ष्य के लिए आरपीएफ इंस्पेक्टर के बयान लिए जाएं।
पीड़िता का किसी से प्रेम प्रसंग
पत्र में लिखा है कि पीड़िता का किसी पंचमपुरवा के लड़के से प्रेम संबंध है। इसकी जांच कराई जाए। मोबाइल नंबर के सीएएफ और सीडीआर भी चेक हों। शिवबरन और आरपीएफ इंस्पेक्टर का बयान लेकर सत्यापन किया जाए।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र की जांच कराई जा रही है। आरोपी दरोगा की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। अगर उन्हें लगता है कि वह बेकसूर हैं तो पहले सरेंडर करें। उनके पास जो भी साक्ष्य हैं उनको प्रस्तुत करें।- आशुतोष कुमार, जेसीपी कानून व्यवस्था