कानपुर एनकाउंटर में शहीद पुलिसकर्मी
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चौबेपुर मुठभेड़ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। तत्कालीन चौबेपुर एसओ के साथ ही एक दरोगा, दो सिपाहियों का भी विकास दुबे से कनेक्शन जुड़ रहा है। विकास दुबे की मोबाइल नंबर की सीडीआर से ये जानकारी पुलिस को मिली है।
इसमें एक शर्मा सिपाही और एक अन्य सिपाही है। मुठभेड़ की रात भी विकास या उसके गुर्गे से इनकी फोन पर बातचीत हुई है। सूत्रों के अनुसार मिलीभगत के साक्ष्य मिलने के बाद ही एसओ विनय तिवारी को निलंबित किया गया है।
दरोगा भी रडार पर
मामले में एक दरोगा की भी भूमिका संदिग्ध है। उससे जुड़ी जानकारी भी पुलिस अधिकारियों को मिली है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ये दरोगा भी विकास दुबे के संपर्क में था। सूचना लीक होने में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
एसओ खिलाफ भेजी थी सीओ ने रिपोर्ट
पांच महीने पहले चौबेपुर के जरारी गांव में तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र ने लाखों रुपये का जुआ पकड़ा था। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन एसएसपी को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें बताया था कि जुआ थानेदार के संरक्षण में चलता है। उसे हर महीने मोटी रकम पहुंचती है। एसएसपी ने रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। तभी से सीओ और एसओ के बीच अनबन शुरू हो गई थी।