कमिश्नरी पुलिस के आठ थानेदार रडार पर हैं। उनकी शनिवार को होने वाली क्राइम मीटिंग के बाद कुर्सी छीन सकती है। इनमें पश्चिम जोन के तीन, सेंट्रल व साउथ जोन के दो-दो और पूर्वी जोन के एक थानेदार शामिल हैं। दो एसीपी के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया जा सकता है। उनमें से एक लंबे समय से शहर में तैनात हैं। उनका नाम गैर जनपद ट्रांसफर की सूची में चल रहा है।
इन बिंदुओं पर कसेगा शिकंजा
शनिवार को होने वाली बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर जवाब-तलब होगा:
गुडवर्क का अभाव: संगीन अपराधों के खुलासे में देरी।
साइबर अपराध: लंबित मामलों की बढ़ती संख्या।
हिस्ट्रीशीटर व वारंटी: फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी न होना।
पीड़ितों से व्यवहार: जनसुनवाई में लापरवाही और दुर्व्यवहार।
'ऑनलाइन' पहरे में थानेदार: 10 से 2 बजे तक रहना होगा कनेक्ट
पुलिस कमिश्नर ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक सभी थानेदारों को अपने सीयूजी नंबर के साथ ऑनलाइन मीटिंग मोड पर रहना होगा। जब भी कमिश्नर कार्यालय में कोई पीड़ित अपनी शिकायत लेकर पहुंचता है, अधिकारी तुरंत वीडियो या ऑडियो कॉल के जरिए संबंधित थानेदार से सवाल-जवाब करते हैं। इस 'फेस-टू-फेस' सुनवाई ने कई थानेदारों की लापरवाही की पोल खोल दी है।