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प्रकृति की गोद में योग का अनुभव रहा अद्भुत
बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग...हर आयु वर्ग के लोगों में योग को लेकर एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। अमर उजाला की इस मुहिम की सराहना करते हुए लोगों ने कहा कि प्रकृति की गोद में योग करने का अनुभव अद्भुत और स्फूर्तिदायक रहा।
विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया
शिविर में पहुंचे योग गुरुओं और अनुभवी प्रशिक्षकों ने उपस्थित जनसमूह को योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया। यहां ताड़ासन, वृक्षासन और भुजंगासन जैसे आसनों के जरिए शरीर को लचीला बनाने के तरीके बताए गए।
दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करें
अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम के माध्यम से तनाव मुक्ति और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। योग गुरु मनोज त्रिपाठी ने दैनिक दिनचर्या में योग को शामिल करने के महत्व को समझाया और बताया कि कैसे मात्र 30 मिनट का योग कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है। इसके बाद जुंबा भी हुआ।