उफनते पानी के बीच रोजाना आवागमन
स्थानीय लोगों के मुताबिक नोन नदी का जलस्तर बढ़ने पर चेकडैम से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग दूरी बचाने के लिए इसी रास्ते को चुन रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चेकडैम पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के भी इस रास्ते से गुजरने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने चेकडैम पर सुरक्षा व्यवस्था कराने और लोगों को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाने की मांग की है।
बीडीओ बोले- दूरी बचाने के लिए जोखिम उठा रहे लोग
खंड विकास अधिकारी यशवीर सिंह ने बताया कि गांव तक पक्की सड़क बनी हुई है। इसके बावजूद लोग करीब एक किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए चेकडैम से होकर गुजर रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने की जरूरत है, ताकि वे उफनते पानी के बीच चेकडैम पार न करें।