राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद पहली बार अपने कानपुर शहर आए तो उन्होंने खूब अपनत्व दिखाया। राज्य सभा से सदस्य रहे ईश्वर चंद्र गुप्ता के घर में अतिथियों से मुलाकात करने के बाद राष्ट्रपति का काफिला सीएसए के लिए निकला। जैसे ही राष्ट्रपति की कार ने ठंडी पुलिया पर यू-टर्न लिया, तो राष्ट्रपति ने ड्राइवर से गाड़ी की स्पीड़ कम कराई।
फिर कार से भीतर से ही पुलिया के आसपास खड़े लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस पर सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मिंयों और आम लोगों ने भी हाथ हिलाकर बॉय-बॉय कर जवाब दिया। राष्ट्रपति के इस व्यवहार से लोग गदगद हो गए, बोले राष्ट्रपति है तो अपने शहर के। इसलिए अपनत्व और लगाव होना स्वाभाविक है।
राष्ट्रपति का काफिला शाम 4:48 बजे सीएसए के तिलक नगर स्थित पूर्व सांसद ईश्वर चंद्र गुप्ता के घर पहुंचा। वहां पर राष्ट्रपति ने विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं, उद्यमियों और गणमान्य लोगों से मुलाकात की। पूर्व सांसद से मुलाकात की। शाम 5:25 बजे राष्ट्रपति पूर्व सांसद के घर से सीएसए की तरफ रवाना हुए। उस दौरान राष्ट्रपति की एक झलक पाने के लिए लोग अपने घरों की छतों और ठंडी पुलिया के आसपास खड़े थे।
जैसे ही राष्ट्रपति की कार ने ठंडी पुलिया पर सीएसए के लिए यू-टर्न लिया, तो एकाएक राष्ट्रपति की गाड़ी की स्पीड़ कम हो गई। कार की पीछे की सीट पर बैठे राष्ट्रपति ने मुस्करा कर वहां मौजूद लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। लोगों ने भी हंसकर उनसे बॉय-बॉय किया। इसके बाद राष्ट्रपति की कार तेजी से सीएसए के तरफ चली गई। सीएसए से राष्ट्रपति हैलीकॉप्टर में बैठकर गंतव्य को चले गए।
काफिले में शामिल थी 52 गाड़ियां
सीएसए कैंपस में बने हैलीपैड पर हैलीकाप्टर से उतरने के बाद राष्ट्रपति कार में बैठे। वहां से 52 गाड़ियों के काफिले के साथ राष्ट्रपति तिलक नगर निवासी ईश्वव चंद्र गुप्ता के घर पहुंचे। काफिले में दो एम्बुलेंस, जैमर लगी गाड़ी, बुलेट प्रूफ गाड़ियां भी शामिल थीं। गाड़ियों का काफिला इतना बड़ा था तिलक नगर निवासी पूर्व सांसद से घर से ठंडी पुलिया तक वाहनों की कतार लग गई। आखिर में पुलिसकर्मियों ने कई गाड़ियों को ठंडी पुलिया पर ही रोक दिया। इन गाड़ियों को सड़क केकिनारे खड़ा कराया गया।
विधायकों की गाड़ियां रोकी गईं
राष्ट्रपति के पूर्व सांसद के घर पहुंचने के बाद रसूलाबाद (कानपुर देहात) की विधायक निर्मला संखवार कार्यकर्ताओं के साथ कार से वहां पहुंची। ठंडी पुलिया पर पुलिसकर्मियों ने उनकी कार रोक ली। विधायक ने अपनी परिचय दिया। आमंत्रण पत्र दिखाया। इस पर एक दरोगा ने कहा कि विधायक जी आप और आपका का ड्राइवर जिसका नाम लिस्ट में है, वहीं भीतर जाएगा। बाकी कोई नहीं। इस बात पर विधायक और पुलिसकर्मियों ने नोंकझोंक हुई। आखिर में विधायक को पुलिस वालों की माननी पड़ी, लेकिन वह गच्चा देकर ड्राइवर की जगह अपने प्रतिनिधि से कार ड्राइव कराकर उसे अपने साथ ले गईं। इसके पहले किदवई नगर क्षेत्र के विधायक महेश त्रिवेदी की कार को भी पुलिस वालों ने रोका। कार में विधायक नहीं थे। इसलिए कार को पूर्व सांसद के घर की ओर नहीं जाने दिया गया।