दबौली दुर्गा मंदिर से गुजैनी ए ब्लाॅक की ओर जाने वाली सड़क के एक छोर पर बने पार्क को नगर निगम ने कूड़ा घर बना दिया है। नगर निगम यहां पर आसपास के कूड़े को डंप करता है। कूड़े की सड़ांध से स्थानीय लोगों का जीना दूभर है। ऊपर से शनिवार रात निगम के कर्मचारियों ने कूड़े के ढेर में लाग लगा दी। कूड़े से उठते धुएं की वजह से लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया। थक हार कर लोगों ने फायर ब्रिगेड को बुलाया और आग बुझवाई।
गुजैनी ए ब्लॉक के इस पार्क में करीब छह से सात फीट ऊंचे कूड़े के ढेर लगे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि मकान खरीदने के दाैरान केडीए ने यहां पार्क होने की बात कही थी। बाद में पार्क के एक कोने पर अस्पताल बन गया। पार्क में जगह बची थी, उसमें वॉलीबाल और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं होती थीं। करीब 10 साल पहले नगर निगम ने पार्क में हाउस और वॉटर टैक्स जमा करने के लिए शिविर लगाने शुरू कर दिए। बाद में स्थाई कार्यालय बना लिया। लोग पार्क के अंदर जाएं, इसलिए गेट लगा दिया गया।
सात दिन तक चला था कूड़ा डालने का विरोध
दो साल से नगर निगम आसपास के इलाके से कूड़ा लाकर यहां एकत्र कर देता है। दो साल पहले जब कूड़े की गाड़ियां यहां आईं तो लोगों ने विरोध किया। सात दिनों तक धरना प्रदर्शन भी किया, तो यहां कूड़ा डालने पर रोक लग गई थी। हालांकि बाद में फिर से यहां पर कूड़ा डाला जाने लगा। आरोप है कि दोपहर और शाम को पार्क के पास अराजकतत्वों का जमावड़ा लगता है।
दुर्गंध की वजह से सांस लेना दूभर
पार्षद से कई बार कहा है, लेकिन वह सुनती नहीं हैं। कूड़े की बदबू से सांस लेना मुश्किल हो गया है। गंदगी के चलते बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।
- श्याम बाबू दिवाकर
पार्षद समस्या पर नहीं दे रहीं ध्यान
पार्षद से कहा कि कूड़ा घर को खत्म कराकर सबको राहत दिलाएं, लेकिन कई बार कहने के बावजूद वह इसे खत्म कराने के लिए प्रयास नहीं कर रही हैं।
- राम जी शर्मा
पार्क बताकर दिए गए थे मकान
हम लोगों के साथ खुलेआम ठगी हुई है। पार्क बताकर मकान दिए गए हैं। अब पार्क कूड़ाघर बन गया है। मोहल्ले के बच्चों को मजबूरन सड़क पर खेलना पड़ता है।
- विशाल सक्सेना
कूड़े को जलाना सरासर गलत
कर्मचारी शाम को घर जाते वक्त कूड़े के ढेर में आग लगा देते हैं। कूड़े को जलाना सरासर गलत है। शनिवार को हालात इतने खराब थे कि फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा।
- श्याम नारायण दुबे
कूड़ा व मलबे का लगा रहता ढेर
पार्क में बरगद का पेड़ हैं। महिलाएं इसकी पूजा करती थीं, लेकिन अब कूड़े और मलबे का ढेर लगने के कारण वहां जाकर पूजा करना संभव नहीं हो पाता है।
- लक्ष्मी वर्मा
ये बोले जिम्मेदार
मुझे तो पता ही नहीं कि वहां कूड़े के ढेर लगे हैं। ऐसे में आग लगने की मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- अलिखेश यादव, जेई, नगरनिगम पांच
मैं कल बाहर थी। कूड़े में आग लगने से सांस लेने में तकलीफ होने की जानकारी मिली थी। इसे साफ करवाने के प्रयास करेंगे।
- अंजुली दीक्षित, पार्षद