उर्सला अस्पताल में ऑक्सीजन का टोटा है। नॉन कोविड अस्पताल होने के बावजूद यहां पर कोरोना के 30 रोगी भर्ती हैं। नॉन कोविड रोगियों से आईसीयू भरा हुआ है। इसके साथ ही इमरजेंसी वार्ड में आइसोलेट करके रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
कानपुर के उर्सला अस्पताल में ऑक्सीजन का टोटा है। नॉन कोविड अस्पताल होने के बावजूद यहां पर कोरोना के 30 रोगी भर्ती हैं। नॉन कोविड रोगियों से आईसीयू भरा हुआ है। इसके साथ ही इमरजेंसी वार्ड में आइसोलेट करके रोगियों का इलाज किया जा रहा है।
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रविवार को अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी सारे दिन ऑक्सीजन सिलिंडरों के लिए दौड़ते रहे। ऑक्सीजन न मिली तो रोगियों की जान पर खतरा आ सकता है। जिस कंपनी से ऑक्सीजन देने का करार हुआ है, वह कोविड स्टेटस वाले हॉस्पिटल में ही ऑक्सीजन दे रही है।
यहां औसत 80 जंबो सिलिंडर लगते हैं। लेकिन इस वक्त आधे से भी कम मिल रहे हैं। स्थिति से उर्सला प्रबंधन ने डीएम को भी अवगत कराया था। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके सिंह का कहना है कि किसी तरह से व्यवस्था कराई जा रही है ताकि रोगियों की जरूरत भर ऑक्सीजन मिल जाए।