पिता की मौत की खबर सुनकर घर पहुंचे बच्चे
अविनाश की मौत की सूचना पर बेटा कार्तिक शुक्रवार देर रात लखनऊ से आ गया। वहीं बेटी पूर्णिमा जयपुर से शनिवार को घर पहुंची। उनकी कंपनी में तैनात सैकड़ों कर्मचारियों की भीड़ भी घर के बाहर लगी रही। शनिवार शाम को भैरव घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे दामाद अंशुल पुरवार का कहना था कि घर में किसी चीज की कमी नहीं थी। वे हंसमुख स्वभाव के थे। ऐसे कभी लगा नहीं कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेंगे। उनके बड़े अश्वनी पुरवार परिवार के साथ अकबरपुर में रहते हैं।