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Kanpur: वित्त संशोधन अधिनियम 2025 का विरोध, पेंशनरों और शिक्षकों का धरना प्रदर्शन, पीएम-सीएम को भेजा ज्ञापन

Tue, 15 Jul 2025 06:02 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन और शिक्षक महासंघ ने वित्त संशोधन अधिनियम 2025 के विरोध में डीएम कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने इस अधिनियम को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा।
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पेंशनरों और शिक्षकों का धरना प्रदर्शन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन और शिक्षक महासंघ कानपुर के संयुक्त सहयोग में मंगलवार को पेंशनरों और शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। इसके बाद में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया गया। इसमें वित्त संशोधन अधिनियम तत्काल वापस लेने की मांग उठाई गई।

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वहीं, जिलाधिकारी ने संस्था के अध्यक्ष बीएल गुलाबिया और महामंत्री आनंद अवस्थी से मुलाकात की और ज्ञापन शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। पेंशनरों ने कहा कि वित्त संशोधन अधिनियम 2025 के नियमों में बदलाव से पेंशनर्स में आक्रोश है। सरकार की मंशा उचित नही है। पहले तो सरकार 8वें वेतन आयोग की घोषणा करती है। कहा जाता है कि कर्मचारियों, शिक्षकों एवं पेंशनर्स को वेतन व पेंशन पुनरीक्षण एक जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा।

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पेंशनरों ने शुरू कर दिया है देशव्यापी आंदोलन
इसी बीच वित्त संशोधन अधिनियम लाया जाता है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि दिसंबर 2025 तक सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण नहीं किया जाएगा। पेंशनरों ने देशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश बाबू पांडेय ने बताया कि शिक्षक भी इससे प्रभावित होंगे। सभी सेवानिवृत्त शिक्षक इस लड़ाई में साथ हैं। पेंशन फोरम के महामंत्री आनंद अवस्थी ने बताया कि सभी पेंशनर एकजुट हैं और मिलकर संघर्ष करेंगे। इस मौके पर उस्मान अली शाह, सुनील सुमन, विजय कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
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