कानपुर के जिला पुरुष चिकित्सालय, उर्सला की ओपीडी में मंगलवार को 321 मरीज पहुंचे। दोपहर दो बजे तक डॉक्टरों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए मरीज देखे। अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी लगे।
ओपीडी में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुनील उत्तम, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीके मिश्रा, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश वर्मा, जनरल सर्जन डॉ. सुरेंद्र सुबह से ओपीडी में पहुंच गए। शुरुआत में इक्का-दुक्का मरीज आए। सुबह 11 - 12 बजे मरीजों की संख्या कुछ बढ़ी।
सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, खांसी, जुकाम आदि के मरीजों को फ्लू ओपीडी में फिजिशियन डॉ केसी भारद्वाज और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ जीएन द्विवेदी ने देखा। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ शैलेंद्र तिवारी का मानना है कि धीरे धीरे ओपीडी में भीड़ बढ़ेगी। लॉक डाउन से पहले ओपीडी में रोज औसतन ढाई हजार मरीज आते थे। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एके सिंह ने बताया कि एंटी रेबीज इंजेक्शन भी मरीजों को लग रहे हैं।
डफरिन की ओपीडी में भी भीड़
जिला महिला चिकित्सालय डफरिन की ओपीडी में सुबह से ही भीड़ लगने लगी थी। दोपहर तक 157 मरीजों का चेकअप हुआ।
मरीजों को राहत मिली
गिलिस बाजार निवासी संतोष अग्रवाल ने बताया कि उन्हें घुटने की तकलीफ है। लॉकडॉउन के दौरान उर्सला इमरजेंसी गए थे लेकिन डॉक्टरों ने टरका दिया था। आज डॉक्टर ने देखा। सरसैया घाट निवासी सुशीला देवी ने बताया कि उन्हें ऑपरेशन कराना है, पर लॉकडाउन की वजह से डॉक्टर ऑपरेशन करने से इंकार कर रहे थे इस बीच उनकी तकलीफ बढ़ गई। अब उनका जल्द ऑपरेशन होने की उम्मीद जगी है।