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कानपुर: विवि में अब ज्योतिष और वास्तुशास्त्र में करें डिग्री, संस्थान में शुरू हुआ चार साल का डिग्री कोर्स

Tue, 27 Oct 2026 10:20 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सीएसजेएमयू - फोटो : amar ujala
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छत्रपति शाहूजी महाराज विवि में छात्रों को अब ज्योतिष और वास्तुशास्त्र की डिग्री भी मिलेगी। विवि में ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के चार साल के डिग्री कोर्स के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। साथ ही बीटेक, बीबीए और बीकॉम की फीस में इजाफा हुआ है। यह फैसला छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) की एकेडमिक काउंसिल में लिया गया।
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सीएसजेएमयू के सेंटर फॉर एकेडमिक में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में मंगलवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत, विभिन्न व्यावसायिक एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों की शुल्क संरचना में संशोधन, पीएचडी कार्यक्रमों के शैक्षणिक प्रावधान, प्रवेश प्रक्रिया और शोध कार्यों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी।

दीनदयाल शोध केंद्र में ज्योतिषशास्त्र और वास्तुशास्त्र में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी गई। ये दोनों कोर्स सत्र 2027-28 से शुरू होंगे। इनके नाम बैचलर ऑफ आर्ट्स (शास्त्री) वास्तुशास्त्र और बैचलर ऑफ आर्ट्स (शास्त्री) ज्योतिषशास्त्र होंगे। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 30 सीटें होंगी और शुल्क 26,200 रुपये रखा गया है। इसके अलावा विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से योग आधारित दो कौशल प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम नए सत्र से शुरू होंगे। इसमें ‘योगा फॉर डायबिटीज प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट’ और ‘योगा फॉर कॉरपोरेट सेक्टर’ शामिल हैं। तीन महीने की अवधि वाले इन कोर्स का शुल्क पांच हजार रुपये में होगा। पहले कोर्स में डायबिटीज की रोकथाम और प्रबंधन से संबंधित योगाभ्यास की जानकारी दी जाएगी। दूसरे में कॉरपोरेट क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप योग के उपयोग और उसकी प्रासंगिकता पर ध्यान दिया जाएगा। बैठक में सीडीसी निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी, डीन प्रशासन प्रो. नीरज कुमार सिंह, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, प्रो. वृष्टि मित्रा, डॉ. मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।
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श्रीद्भगवद्गीता पर एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम होगा शुरू
गीता ज्ञान संस्थान, कुरुक्षेत्र की मदद से श्रीमद्भगवद्गीता पर एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम और एक सेमेस्टर का गीता सार प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी अगले सत्र से शुरू होगा। स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के तहत बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड कोर्स में छात्रों के लिए सांख्यिकी और पर्यावरण विज्ञान को अतिरिक्त विषयों के रूप में शामिल करने की अनुमति दी गई।

शोधार्थी पढ़ेंगे एआई इन रिसर्च
पीएचडी कोर्स वर्क में एआई के प्रयोग को समझने के लिए विवि के शोधार्थियों को कोर्सवर्क में एक क्रेडिट का ‘एआई इन रिसर्च’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन रिसर्च) कोर्स भी पढ़ना होगा। साथ ही उद्योग-प्रायोजित पार्ट-टाइम पीएचडी शोधार्थियों के कोर्स वर्क और उनकी अंकतालिका में आवश्यक प्रविष्टियों की व्यवस्था की जाएगी। शोधार्थियों के अनुरोध पर फुल टाइम से पार्ट टाइम पीएचडी श्रेणी में परिवर्तन से संबंधित आवेदनों पर विचार करने के प्रस्ताव को भी अनुमति मिल गई।

 
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बीटेक और बीबीए की फीस बढ़ी
विवि कैंपस में संचालित इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और कॉमर्स के कोर्स की फीस बढ़ाई गई है। बीटेक की फीस में 10 हजार, मैनेजमेंट में 15 हजार का इजाफा हुआ है। बीडेक की फीस 50,000 रुपये से बढ़कर अगले सत्र में 60,000 रुपये हो जाएगी। स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के तहत संचालित बीबीए पाठ्यक्रम की फीस 60,000 रुपये से बढ़कर अगले सत्र में 75,000 रुपये होगी। बीकॉम ऑनर्स की फीस 55,000 रुपये से बढ़कर अगले सत्र में 65,000 रुपये हो जाएगी। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के तहत संचालित बीटेक के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और मैटेरियल्स साइंस एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग की फीस अगले सत्र से 10 हजार रुपये महंगी होगी। अभी तक 85,000 रुपये शुल्क है जो अगले सत्र से बढ़कर 95,000 हो जाएगी।
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