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Kanpur: अब अखिलेश दुबे का किशोरी उपवन गेस्ट हाउस सील, किशोरी वाटिका का होगा ध्वस्तीकरण

Thu, 21 Aug 2025 09:59 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

किशोरी उपवन गेस्ट हाउस सील कर दिया गया। आवासीय की जगह व्यावसायिक उपयोग हो रहा था। केडीए ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई की।
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किशोरी उपवन गेस्ट हाउस सील - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अखिलेश दुबे पर अब कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार की कार्रवाई के बाद केडीए ने गुरुवार को अखिलेश दुबे के साकेत नगर में किशोरी वाटिका के सामने बने किशोरी उपवन गेस्ट हाउस को सील कर दिया। यहां आवासीय भूखंड पर अवैध तरह से व्यवसायिक गतिविधियां चल रही थीं।
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इसके साथ ही केडीए की ओर से किशोरी वाटिका के अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। कब्जा खाली कराने के बाद नगर निगम इस पार्क को जनता के लिए खोल देगा। इस मामले की शिकायत केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गब् र्याल से करीब दो माह पहले की गई थी। मामले की जांच केडीए सचिव अभय पांडे को दी गई।

किशोरी उपवन गेस्ट हाउस सील - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद गुरुवार को प्रवर्तन जोन-3 के जोनल प्रभारी की अगुवाई में गुरुवार को प्लाट संख्या-155, ब्लाॅक डब्लू-1, जूही कलां में बिना मानचित्र स्वीकृति के चल रहे किशोरी उपवन गेस्ट हाउस व बैंक्वेट हाॅल पर कार्रवाई की गई।

किशोरी उपवन गेस्ट हाउस सील - फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों ने बताया कि गेस्ट हाउस का भू उपयोग आवासीय है लेकिन यहां किशोरी उपवन गेस्ट हाउस का संचालन किया जा रहा था। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ केडीए अधिकारियों ने सीलिंग की कार्रवाई की। इससे पूर्व बुधवार को केडीए ने अखिलेश दुबे के जूही कलां स्थित शक्तिदीप पैलेस पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया था।

 

किशोरी वाटिका - फोटो : अमर उजाला
किशोरी वाटिका पर ध्वस्तीकरण की होगी कार्रवाई
दो माह पहले अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने जिलाधिकारी से लेकर शासन तक चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे की काबिज संपत्तियों की जांच करने की शिकायत की थी। इसके बाद शासन ने संपत्तियों की जांच कर रिपोर्ट मांगी थी। जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार की अध्यक्षता में टीम गठित की थी। टीम ने जब कम्युनिटी सेंटर की जमीन की जांच केडीए और नगर निगम के अभिलेखों में की तो पता चला कि भूखंड संख्या-152 डब्ल्यू-1, जूही कलां कुल क्षेत्रफल 3719 वर्गमीटर में से 365.82 वर्ग मीटर जमीन वर्ष 2005 में डॉ. ब्रज किशोरी दुबे स्मारक समिति के सचिव अखिलेश दुबे को किराये पर दी गई थी। किशोरी वाटिका कम्युनिटी सेंटर में तोड़फोड़ करके बिना नक्शा पास कराए तीन मंजिला इमारत बना दी गई। साथ ही बगल में खाली पड़ी पार्क की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। प्रशासन की टीम ने केडीए को अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने और नगर निगम को पार्क विकसित कर जनता के लिए खोलने के लिए कहा गया है।
 
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला
अफसरों की जांच में हुआ था पार्कों पर कब्जा करने का खुलासा
अखिलेश दुबे ने केडीए और नगर निगम अफसरों की मिलीभगत से पार्क और प्राधिकरण की जमीनों पर कब्जा कर स्कूल, गेस्ट हाउस, आवासीय और सत्संग भवन बना लिए। इसका खुलासा एडीएम सिटी डॉ. राजेश कुमार की संयुक्त टीम की जांच में हुआ था। सबसे बड़ी बात है कि किसी भी भवन का नक्शा पास नहीं कराया गया। डीएम के निर्देश पर केडीए और नगर निगम ने जमीनों को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की है। टीम की जांच में पता चला कि था कि भूखंड संख्या 559 की 1860 वर्गमीटर जमीन पार्क के नाम पर दर्ज थी। इस भूमि को 1998 में तत्कालीन मुख्य अभियंता ने मेसर्स डॉ. बि्रज किशोर दुबे मेमोरियल स्कूल के नाम पर 10 वर्ष के लिए आवंटित किया था। इसकी अवधि वर्ष 2008 में ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बाद भी जमीन पर कब्जा करके स्कूल संचालित होता मिला। जूही कला स्थित भूखंड संख्या 558 की 1758 वर्गगज जमीन पर अवैध तरीके से सम्बाखेरेश्वर आशुतोष धाम मंदिर, संत निरंकारी सत्संग भवन एवं पांच आवासीय भवन निर्मित हैं। यह जमीन केडीए ने खुद कब्जा प्राप्त कर हासिल की थी। यह जमीन 1980 से 2000 के दशक में कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड जीटी रोड ने किदवई नगर निवासी सचिव राम प्रसाद गुप्ता पुत्र अयोध्या प्रसाद गुप्ता को बिक्री कर दी थी। फिर ये जमीन किस अधिकार से अखिलेश दुबे को बेची गई, इसका केडीए के पास कोई लेखा-जोखा नहीं मिला। इसी तरह वेलफेयर सोसाइटी तेजाब मिल कैंपस में भूखंड संख्या 84-63 पार्क की जमीन है। इस पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए मकान बना दिया। इस मामले में केडीए ने नोटिस भी जारी किया है।

ज्यादातर निर्माण पार्क की जमीनों पर मिले हैं। अवैध तरीके से बनीं इमारतों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अब केडीए और नगर निगम की टीम करेगी। जो मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं उनका जल्द निस्तारण कराकर कार्रवाई होगी।- जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
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