12 चालान 4.76 लाख रुपये के शेष रहे
उन्हें जमा नहीं किया गया। वर्ष 2025 दिसंबर में मनोज ने ट्रक को बिधनू के जामू निवासी संजू को बेच दिया। इससे पहले ट्रक पर हुए छोटे पांच चालान कैश देकर निरस्त करा दिए फिर भी 12 चालान 4.76 लाख रुपये के शेष रहे। उन्नाव आरटीओ कार्यालय ने ट्रक की एनओसी जारी कर दी, जबकि नियमानुसार चालानों का निस्तारण होने के बाद ही एनओसी जारी होती है।
एनओसी को निरस्त करने की संस्तुति की
एनओसी लेकर नया खरीदार कार्यालय पहुंचकर वाहन पंजीकरण की मांग करने लगा। जब पोर्टल पर ट्रक की जानकारी चेक कराई गई तो हकीकत सामने आई। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने वाहन का पंजीकरण चालान की रकम जमा कराने के बाद ही होने की बात कहकर लौटा दिया। एआरटीओ ने वाहन को तुरंत ब्लैकलिस्टेड कराया। साथ ही उन्नाव आरटीओ कार्यालय को पत्र भेजकर नियमों के विपरीत जारी की गई एनओसी को निरस्त करने की संस्तुति की है।
अगर किसी वाहन पर एक भी चालान बाकी होता है तो वह गाड़ी किसी अन्य के नाम ट्रांसफर नहीं हो सकती। गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए वाहन स्वामी आया था। चालान बकाया होने के कारण उसे वापस किया गया था। अब गाड़ी को ब्लैकलिस्ट कर जारी गलत एनओसी को निरस्त करने के लिए उन्नाव एआरटीओ को पत्र लिखा गया है। -आलोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन