दिवाली और छठ पर घर पहुंचने की चाह रखने वालों के लिए ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। दिल्ली-मुंबई और बिहार रूट की प्रमुख ट्रेनों में नो-रूम के हालात हैं तो कई में लंबी वेटिंग चल रही है। एसी द्वितीय, तृतीय श्रेणी से लेकर स्लीपर तक सीटों के लिए मारामारी मची है। त्योहार में परिवार के साथ समय बिताने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने स्पेशल ट्रेनें ही सहारा हैं।
काकादेव निवासी एस त्रिपाठी ने बताया कि दिवाली पर दिल्ली में नौकरी कर रहे अपने बेटे के पास जाना है। टिकट लेने के लिए रावतपुर रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर पहुंचे तो कई ट्रेनों में नो-रूम दिखा। काफी मशक्कत के बाद 12303 पूर्वा एक्सप्रेस में टिकट मिली लेकिन वेटिंग है। यही स्थिति लगभग सभी ट्रेनों में है।
करीब 150 त्योहार विशेष ट्रेनें हो रहीं संचालित
त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे लंबे रूटों पर करीब 150 त्योहार विशेष ट्रेनें संचालित कर रहा है। ये ट्रेनें कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी होकर भी गुजरेंगी। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि आगे और ट्रेनों के चलाने की योजना है। इससे यात्रियों का कुछ दबाव कम होने की उम्मीद है।
यह है ट्रेनों का हाल
मुंबई मार्ग- कुशीनगर एक्सप्रेस, पुष्पक व पनवेल एक्सप्रेस - आरक्षण की उपलब्धता खत्म
दिल्ली मार्ग- जम्मू मेल, नेताजी एक्सप्रेस, वंदे भारत, महानंदा एक्सप्रेस - कंफर्म सीट मिलना मुश्किल
बिहार मार्ग - अमृत भारत, मगध एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, फरक्का, सीमांचल एक्सप्रेस - लंबी वेटिंग
एक नजर में रेल यात्रियों पर
रोजाना सफर करने वाले यात्री - करीब 90 हजार से 1.5 लाख
त्योहार में अतिरिक्त दबाव - अनुमानित 50 से 60 प्रतिशत
त्योहार विशेष ट्रेनों की योजना - करीब 150
प्राइवेट बस संचालकों ने बढ़ाया किराया
त्योहार पर प्राइवेट संचालकों ने भी किराया बढ़ा दिया है। कानपुर से दिल्ली, पटना, मुंबई और सूरत जाने वाले यात्रियों से निर्धारित किराये से अधिक रकम वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि त्योहार के दौरान यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर बस संचालक 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक ज्यादा वसूली कर रहे हैं। इससे परिवार के साथ सफर करने वालों का बजट बिगड़ गया है।