ऑल इंडिया सुन्नी उलमा काउंसिल ने कहा है कि कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए काजियों और मुफ्तियों से नहीं बल्कि चिकित्सा विज्ञानियों और डॉक्टरों से मशविरा लें। इस्लाम ने इंसान की जान बचाने के लिए हराम चीज को हलाल कर दिया है। अहमियत इंसानी जिंदगी की है। इस पर अपने स्तर से बयानबाजी करके कोई भ्रम न फैलाएं। मदरसे में सेमिनार का आयोजन करें। इनमें चिकित्सा विज्ञानियों और डॉक्टरों को बुलाकर मसलों को समझें।
काउंसिल की बैठक तलाक महल में हुई। इस पर कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर विचार मंथन किया गया। इसके साथ ही उलमा के अलग-अलग गुटों से जारी किए जा रहे बयानों से मुसलमानों में फैल रहे भ्रम पर चिंता व्यक्त की गई।
इस मौके पर काउंसिल के महासचिव हाजी मो. सलीस ने बताया कि बरेली शरीफ और मदरसों को पत्र भेजा गया है कि वे अपने यहां सेमिनार का आयोजन करें। विज्ञानियों और डॉक्टरों से वैक्सीन के संबंध में जानकारी लें। इस मौके पर जमीयतुल कुरैश गरीब नवाज के अध्यक्ष हाजी दिलशाद कुरैशी ने भी विचार व्यक्त किए।