फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: शव से जेवर चुराने में नजीराबाद पुलिस दोषी, चेतावनी देकर छोड़ा

Fri, 05 Jul 2024 12:06 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: शव से जेवर चुराने में नजीराबाद पुलिस दोषी पाई गई है। चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय ने चेतावनी को सजा नहीं माना, दंड तय करने को कहा है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पिछले साल शव से जेवर चुराने के मामले में नजीराबाद थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिस कर्मियों को दोषी माना गया है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय ने डीसीपी साउथ के द्वारा जांच के बाद दी गई चेतावनी को सजा मानने से इन्कार करते हुए आरोपी पुलिस कर्मियों पर विभागीय दंड तय करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


नजीराबाद के रामकृष्णनगर में 12 अप्रैल 2023 को निखिल उर्फ विवेक ने मां राजकुमारी की हत्या कर खुदकुशी कर ली थी। राजकुमारी के बड़े बेटे जितेंद्र उर्फ दुर्गेश का कहना था कि मां की मौत के दौरान उनके शरीर पर सोने की चेन, अंगूठियां और कंगन मौजूद थे। लेकिन घटनास्थल की जांच के दौरान तत्कालीन नजीराबाद थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह और चौकी प्रभारी रवि कुमार की मौजूदगी में शव से जेवर उतारकर पुलिस ने अपने कब्जे में तो ले लिए लेकिन पंचायतनामा व जनरल डायरी में दर्ज नहीं किया।

अंतिम संस्कार करने के बाद जब परिजन नजीराबाद थाने में जेवर लेने गए तो उन्हें धमका कर भगा दिया। 22 जून 2023 को बेटे ने आईजीआरएस पोर्टल पर मामले की शिकायत दर्ज करा दी। पति की मौत के बाद से निखिल की पत्नी से परिवार का विवाद चल रहा था। इसलिए पुलिस ने 23 जून 2023 को निखिल की पत्नी से तहरीर लेकर जितेंद्र पर ही चोरी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। मामले में पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी साउथ रवींद्र कुमार को जांच सौंप दी।
 
विज्ञापन

जांच में दोषी पाए जाने पर डीसीपी ने थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिस कर्मियों को चेतावनी जारी कर जांच खत्म कर दी। हालांकि जब इसकी फाइल एडिशनल पुलिस कमिश्नर मुख्यालय विपिन मिश्रा के पास पहुंची तो उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय दंड तय करने के लिए डीसीपी दक्षिण रवींद्र कुमार को निर्देश दे दिए हैं। एडिशनल सीपी ने कहा कि चेतावनी कोई दंड नहीं है। इसलिए डीसीपी दक्षिण को जांच पत्रावली वापस भेजकर दोबारा से दंड तय करने का आदेश दिया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें