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Kanpur: भतीजे ने ही पत्थर मारकर की थी व्यापारी की हत्या, हत्यारोपी गिरफ्तार

Thu, 04 Jul 2024 11:44 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में घेमउ गांव में 30 जून की रात घर के बाहर सो रहे स्टेशनरी व्यापारी रामजी तिवारी की हत्या के मामले में पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिल्हौर के घेमउ गांव में 30 जून की रात घर के बाहर सो रहे स्टेशनरी व्यापारी रामजी तिवारी की हत्या उसके पारिवारिक भतीजे ने सरिया लगे पत्थर से मार-मारकर की थी। पुलिस ने हत्यारोपी भतीजे संस्कार उर्फ शिवा तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर गुरुवार को तड़के घटनास्थल के पास नाली से हत्या में प्रयुक्त खून से सना पत्थर भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में भतीजे ने हत्या की बात कुबूल की। उसने बताया कि वह रामजी तिवारी के स्टेशनरी कारोबार संबंधी कामकाज देखता था। सट्टा खेलने के लिए रुपया मांगने पर चाचा रामजी ने मना करने के साथ कई लोगों के सामने डांटकर उसे बेइज्जत किया था। इससे वह क्षुब्ध था और चार माह से हत्या की फिराक में था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया।
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इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने बताया कि घेमउ गांव में 30 जून की रात में स्टेशनरी व्यापारी रामजी तिवारी की हत्या उसके ही पारिवारिक भतीजे संस्कार उर्फ शिवा तिवारी ने सिर पर सरिया लगा पत्थर मारकर की थी। पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि सट्टेबाजी और अन्य कार्यों के लिए 10 हजार रुपये मांगने पर चाचा ने साफ मना कर दिया था। कई लोगों के सामने उसे डांटकर बेइज्जत किया था। मार्च में होली के पहले से वह लगातार घटना को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन मौका नहीं मिल सका था। 30 जून की रात उसने घटना को अंजाम दिया। वारदात कुबूल करने पर शिवा तिवारी की निशानदेही पर गुरुवार को तड़के चार बजे घटनास्थल के पास एक गहरी नाली से हत्या में प्रयुक्त सरिया लगा पत्थर बरामद कर लिया गया है।

हत्या करने के बाद छत पर जाकर सो गया
पूछताछ में हत्यारोपी संस्कार उर्फ शिवा तिवारी ने बताया कि 30 जून को वारदात से पहले उसने रामजी तिवारी के स्टोर व घर में लगे सीसीटीवी के तार हटा दिए थे। रात में ढाई से तीन बजे के बीच उसने पत्थर उठाकर उसके सिर पर दे मारा, जिससे चाचा रामजी तिवारी की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद वह छत पर जाकर सो गया। हत्या से पहले उसने बड़े चाचा वकील गणेश तिवारी जिस घर में सो रहे थे, उसका भी दरवाजा बंद कर दिया था।

एक लड़की से बात करने से मना करता रामजी
पुलिस सूत्रों के अनुसार हत्यारोपी परिवार की शिवराजपुर के एक गांव में रहने वाले लड़की से मोबाइल फोन पर बातचीत करता था। इसको लेकर घटना के आठ दिन पहले रामजी ने संस्कार उर्फ शिवा को कड़ी हिदायत दी थी। इससे शिवा अंदर ही अंदर भड़का हुआ था। पुलिस सूत्रों के अनुसार लड़की रामजी और आरोपी की सगी संबंधी होने के कारण परिवार में विवाद की स्थिति बन गई थी। 

 

दोनों साथ-साथ खेलते थे सट्टा
किक्रेट व अन्य कई प्रकार के सट्टेबाजी में रामजी तिवारी और हत्यारोपी संस्कार उर्फ शिवा तिवारी साथ-साथ दांव लगाते थे। ऑनलाइन ढंग से दोनों सट्टेबाजी करते थे। पुलिस ने हत्या के बाद गांव व मोहल्ले के 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था। यह सभी लोग लगातार मोबाइल से रामजी व शिवा के संपर्क में थे। लेकिन साक्ष्य न मिलने पर सभी को छोड़ दिया गया।

हत्यारोपी के पिता ने की जान देने की कोशिश
संस्कार उर्फ शिवा तिवारी के हत्या में पकड़े जाने की खबर गुरुवार को सुबह सोशल मीडिया व मोबाइल के माध्यम से मिलने पर पिता राजेश तिवारी ने चीखते चिल्लाते हुए अपने आप का एक कमरे में बंद कर लिया। पंखे में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद परिजनों से जैसे-तैसे उनकी जांच बचाई।

 
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हत्यारोपी की मां की हो चुकी है मौत, पिता ने की है दूसरी शादी
पूछताछ में हत्यारोपी शिवा तिवारी ने बताया कि उसकी सगी मां की मौत हो चुकी है। पिता राजेश तिवारी ने दूसरी शादी की है, पिता का व्यवहार उसके साथ पहले की तरह नहीं रह गया है। चाचा रामजी तिवारी के स्टेशनरी संबंधी काम वह करता था। उनके ही घर पर रहता था, लेकिन चाचा के कई बार परिवार के सामने बेइज्जत करने से वह क्षुब्ध था।
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