दुनिया में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना
कार्यक्रम के अंत में जैन संतों और विद्वानों ने प्रवचन दिया। उन्होंने बताया कि नवकार मंत्र किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि उन सभी अरिहंतों और सिद्धों के प्रति सम्मान है, जिन्होंने मोक्ष प्राप्त किया है। भक्तों ने देश और दुनिया में शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की। आयोजन में शहर के विभिन्न जैन मंदिरों की समितियों और जैन समाज के पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।