हैलट मार्ग पर हुए कच्चे पैच वर्क के कारण सड़क पर फैली पडी गिट्टी मिट्टी से परेशान वाहन चालक
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कानपुर नगर निगम की ओर से सड़कों के गड्ढे भरने के लिए कराया जा रहा कच्चा पैचवर्क भी वायु प्रदूषण बढ़ा रहा है। गड्ढों में गिट्टी और मिट्टी डालकर सड़क को समतल किया जा रहा है। बारिश थमने के बाद धूप निकलते ही इन मार्गों पर दिनभर धूल उड़ रही है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। सड़क पर बिखरी गिट्टी से जहां वाहन चालकों के लिए दिक्कत है, वहीं उड़ती धूल सांसों में पहुंचकर उन्हें बीमार कर रही है।
बारिश के बाद नगर निगम ने शहरभर में गड्ढायुक्त सड़कों को समतल कराने का अभियान शुरू किया है। अब तक करीब दो सौ स्थानों पर कच्चा पैचवर्क कराया जा चुका है। देवकी चौराहा, नमक फैक्टरी चौराहा के आसपास, चावला मार्केट, नंदलाल चौराहा, रेव मोती के सामने और चकेरी, जीटी रोड समेत कई इलाकों में गड्ढों में गिट्टी-मिट्टी डालकर उन्हें भर दिया गया है। हालांकि, इन स्थानों पर पक्का पैचवर्क नहीं होने से धूल की समस्या बढ़ गई है।
धूल की वजह से गिरी है रैंकिंग
हाल ही में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025-26 की रिपोर्ट में कानपुर को देश में 11वां स्थान मिला है। पिछले दो वर्षों में पांचवें स्थान पर रहने वाला शहर इस बार छह पायदान नीचे खिसक गया। रिपोर्ट में शहर में चल रहे विकास कार्यों से उड़ने वाली धूल को वायु प्रदूषण बढ़ने की प्रमुख वजहों में माना गया है। ऐसे में कच्चे पैचवर्क से उड़ रही धूल चिंता और बढ़ा रही है।
38 सड़कों की मरम्मत एक सप्ताह में
शहर की बदहाल सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए गुरुवार को मंडलायुक्त कार्यालय में बैठक हुई। इसमें पीडब्ल्यूडी, नगर निगम व केडीए के अधिकारी अपने कार्यों की सूची लेकर पहुंचे। मंडलायुक्त ने बारी-बारी सबसे उनके हिस्से की क्षतिग्रस्त सड़कों की जानकारी मांगी, तो कुछ ही काम सामने आए।
सितंबर के अंत तक सभी मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश
इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई। सभी विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शहर को गड्ढामुक्त करने में कोताही न बरती जाएं। अगर शिकायत मिली तो संबंधित विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। मंडलायुक्त ने नगर निगम की 38 सड़कों की मरम्मत एक सप्ताह में और सितंबर के अंत तक सभी सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
गड्ढे भरने के लिए पहले कच्चा पैचवर्क कराया जाता है। इसके हफ्ते-दस दिन बाद पक्का पैचवर्क होगा या जहां जरूरत होगी, वहां सड़क बनाई जाएगी। फिलहाल राहत के लिए पानी का छिड़काव कराने को कहा गया है। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त