अधिक सामान का बनाया जाता है बिल
बताया गया है कि संविदा में सिर्फ उन्हीं लोगों की भर्ती की जाती है जो माफिया को रुपये देते हैं। भर्ती कम कर्मचारियों की होती है और संख्या अधिक की दिखाई जाती है। इस तरह से अतिरिक्त वेतन का भी बंदरबांट किया जाता है। शिकायतों में बताया गया है कि नगर निगम के स्टोर रूम में भी कम गड़बड़झाला नहीं है। कम सामान की खरीद की जाती है और बिल अधिक सामान का बनाया जाता है। घटिया सामग्री खरीदकर उसके अधिक दाम दिखाए जा रहे हैं।
एक और कंपनी काली सूची में डाली गई
मंगलवार तक पांच कंपनियों को नगर आयुक्त ने ब्लैक लिस्ट किया था। छठवीं कंपनी की जांच चल रही थी, बुधवार को उसे भी काली सूची में डाल दिया गया। पुलिस के अनुसार, दिव्या इंटरप्राइजेज कंपनी को भी ब्लैक लिस्ट किया गया है। इसके मालिक मुकेश कुमार है। पुलिस का कहना है कि कंपनी ने जालसाजी कर टेंडर डाले और करोड़ों का ठेका उठाया था। कंपनी के खिलाफ जल्द एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
राजस्थान के आश्रम में कार छोड़कर भागा आरोपी ठेकेदार गोविंद
नगर निगम के टेंडरों में खेल कर ठेके बांटने का मुख्य आरोपी आगरा निवासी गोविंद शर्मा एक बार फिर पुलिस के चंगुल से बच निकला। कानपुर पुलिस उसकी तलाश में राजस्थान के एक आश्रम तक पहुंच गई थी लेकिन इससे पहले ही गोविंद वहां से भी भाग निकला। पुलिस के हाथ सिर्फ गोविंद की गाड़ी ही लगी है। अब एक टीम गोविंद की काले रंग की इनोवा हाई क्रॉस गाड़ी जिसका नंबर यूपी 80 एचएल 9393 को लेकर कानपुर लौट रही है। पुलिस का कहना है कि अभी भी गोविंद राजस्थान के ही किसी शहर में छिपा है।
नगर निगम से संबंधित अभी छह और शिकायतें मिली हैं। उनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जांच कराई जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम के सख्त निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार में चाहे कोई लिप्त हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर