प्रमाण पत्र थे नहीं पर पंजीकरण रिन्यू कर दिया
फर्म अजय कुमार बाजपेई के पंजीकरण का रिन्यूवल चरित्र, हैसियत और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता खत्म होने से पहले नए प्रमाण पत्र देने की शर्त पर किया गया था। निर्धारित समय में प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए, फिर भी तत्काल पंजीकरण निरस्त नहीं हुआ। करीब एक साल बाद 23 अगस्त 2026 को नोटिस जारी कर फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया। समिति ने इसे विभागीय स्तर पर लापरवाही माना है।
कई फर्मों के पास जरूरी दस्तावेज तक नहीं
कुमार इंजीनियर्स की तीन वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट, दो वर्ष की बैलेंस शीट और बैंक स्टेटमेंट, एक वर्ष का आयकर विवरण व श्रम विभाग का पंजीकरण प्रमाण पत्र नहीं मिला। मशीनरी का शपथ पत्र तो था लेकिन पर्याप्त विवरण उपलब्ध नहीं था। एसआरएस कंपनी के 2026-27 के अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। साल 2025-26 में दो बार नवीनीकरण के बावजूद केवल 2023-24 की ऑडिट रिपोर्ट मिली और तीन वर्षों के बैंक स्टेटमेंट उपलब्ध नहीं थे। पीके इंटरप्राइजेज के रिकॉर्ड में आवश्यक तकनीकी स्टाफ, तीन वर्ष की ऑडिट रिपोर्ट, बैलेंस शीट, आयकर विवरण और मशीनरी उपलब्धता के साक्ष्य नहीं मिले।
बैंक स्टेटमेंट और आयकर विवरण भी नहीं
अजय कुमार बाजपेई और मैहर रॉक प्राइवेट लिमिटेड के अभिलेखों में जरूरी वित्तीय दस्तावेज नहीं मिले। मैहर रॉक का श्रम विभाग का पंजीकरण प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं था। श्री कनक गतिमान कंस्ट्रक्शन कंपनी के वित्तीय दस्तावेज, जीआरए इन्फा सॉल्यूशंस के वित्तीय दस्तावेज और 50 लाख रुपये तक के कार्य का अनुभव प्रमाण पत्र व स्टार कंस्ट्रक्शन के वित्तीय दस्तावेज और अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिले। दीपेश कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स फर्म का एक वर्ष का बैंक स्टेटमेंट और आयकर विवरण भी नहीं मिला।
सत्यापन के बाद ही पंजीकरण की आवश्यकता बताई
समिति ने ये की है सिफारिश समिति ने हॉट मिक्स प्लांट की अधिकतम दूरी 50 किमी तय करने, आवेदन पत्र पूरी तरह भरवाने और संबंधित प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही पंजीकरण करने की सिफारिश की है। कहा गया है कि नगर निगम की वर्तमान व्यवस्था अन्य राजकीय विभागों से अलग है और कई मामलों में उसका भी पालन नहीं किया गया। मुख्य अभियंता कार्यालय को पंजीकरण की प्रक्रिया का जिम्मेदार बताते हुए रिपोर्ट में अभिलेखों के सघन परीक्षण और भौतिक सत्यापन के बाद ही पंजीकरण की आवश्यकता बताई गई है।
इन 11 फर्मों में मिलीं कमियां
आईजे टाइल्स इंडस्ट्रीज, जय श्रीहरि ट्रेडर्स, मेसर्स अजय कुमार बाजपेई, कुमार इंजीनियर्स, एसआरएस कंपनी, पीके इंटरप्राइजेज, मैहर रॉक प्राइवेट लिमिटेड, श्री कनक गतिमान कंस्ट्रक्शन कंपनी, जीआरए इन्फ्रा सॉल्यूशंस, स्टार कंस्ट्रक्शन, दीपेश कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स।
इन पांच फर्मों को पहले किया जा चुका ब्लैक लिस्टेड
दिलीप कुमार बाजपेई एंटरप्राइजेज, मेसर्स कैला देवी कंस्ट्रक्शन, मेसर्स पारसनाथ बिल्डर्स, तिरुपति एंटरप्राइजेज, अजय एंटरप्राइजेज।
पूर्व में पांच कंपनियां ब्लैकलिस्ट की गईं और अभियंत्रण विभाग के लिपिक को हटाया गया था। सीडीओ के नेतृत्व में गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर खामियां मिलने वाली फर्मों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त