फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: हर बिजली मीटर की एमआरआई से होगी रीडिंग, कम-ज्यादा कर बिल बनाने की गड़बड़ी का खत्म होगा खेल

Fri, 12 Feb 2021 11:29 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
बिजली का बिल - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
कानपुर में बिजली बिल में गड़बड़ियों की शिकायतें कम न होने से ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अब हर तरह के बिजली उपभोक्ताओं के बिजली खर्च की रीडिंग एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्टू़मेंट) से कराने का निर्णय लिया है। एमआरआई से केबल मीटर में डाली जाती है।
विज्ञापन


इसके बाद इस एमआरआई डिवाइस में मीटर का पूरा डाटा आ जाता है। इससे मीटर रीडिंग कम ज्यादा करके बिजली का बिल बनाने की गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। उपभोक्ताओं से सांठगांठ कर मीटर रीडरों का बिल कम करने को लेकर होने वाली वसूली कम होने के साथ केस्को को चूना भी नहीं लगेगा।
विज्ञापन

एमआरआई के अलावा केस्को के विभागीय एप से भी रीडिंग होगी। इसमें प्रोब डाटा केबल मोबाइल और बिजली मीटर में लगाई जाएगी। पूरा डाटा एप में स्टोर हो जाएगा। स्मार्ट मीटरों की एमआरआई नहीं होगी क्योंकि उसमें डाटा रीडिंग की जरूरत नहीं होती। वह पहले ही कंट्रोल रूम में पहुंच जाता है, जिसके आधार पर स्वत: बिजली बिल बनने पर उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज आता है।

ऐसे करेगा काम
अभी तक औद्योगिक कनेक्शन वाले मीटरों की एमआरआई से रीडिंग होती थी। अब सभी तरह के उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों में आकर एमआरआई से रीडिंग होगी। एमआरआई का प्रोब प्वाइंट मीटर की सील में लगा होता है। एमआरआई करने के लिए सील हटाई जाएगी।

केस्को प्रबंधन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वह एमआरआई से रीडिंग करने वाले मीटर रीडरों का सहयोग करें। केस्को मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर अंबेडकर ने बताया कि पहले चरण में एक लाख उपभोक्ताओं की एमआरआई रीडिंग होगी। कुल छह लाख 30 हजार कनेक्शनों में अब तक 20 हजार की एमआरआई हो चुकी है। स्मार्ट मीटर करीब डेढ़ लाख हैं। बाकी बचे इलेक्ट्रॉनिक मीटरों की एमआरआई कराई जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें