पुलिस ने ऑटो में लादकर अस्पताल भिजवाया
उधर, गौरिया गांव से वापस लौट रही महाराजपुर पुलिस ने रास्ते में सड़क पर अधेड़ को पड़ा देखा। तत्काल एक ऑटो में लादकर अस्पताल भिजवाया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। राहगीरों के मुताबिक यदि समय रहते उपचार मिल जाता, तो सुनील की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन एंबुलेंस के न मिलने तथा अन्य वाहन समय पर न मिलने की वजह से मौत हो गई।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जानकारी के मुताबिक, मृतक सुनील के दो बेटे उत्कर्ष व उत्सव और एक बेटी आस्था हैं। मेहनत मजदूरी करके बच्चों का पालन पोषण करता था। महाराजपुर कार्यवाहक थाना प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि अस्पताल भिजवाया गया था, लेकिन मौत हो चुकी थी। परिजनों ने नरवल पुलिस को सूचना दी है। अन्य कार्रवाई की जा रही है। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।